Агар ту майл муҳаббат кунӣ ва гар накунӣ
اگر تو میلِ محبّت کنی و گر نکنی
Ман аз ту рӯй напечам ки мустаҳаби манӣ
من از تو روی نپیچم که مُستحبِّ منی
Чу сарв дар чамании рост дар тасаввури ман
چو سروِ در چمنی، راست در تصوّرِ من
Чаҳ ҷои сарв ки монанди рӯҳ дар баданӣ
چه جای سرو؟ که مانندِ روح در بدنی
Ба сайди ъолмёнти каманд ҳоҷат нест
به صیدِ عالمیانَت، کمند، حاجت نیست
Ҳамин басаст ки бурқаъи з рӯй брФкнӣ
همین بس است که بُرقَع ز روی برفکنی
Баёзи соид симин мапуаш дар сафи ҷанг
بَیاضِ ساعدِ سیمین مپوش در صفِ جنگ
Ки бе такаллуфи шамшер лашкарӣ бизанӣ
که بیتَکَلُّفِ شمشیر، لشکری بزنی
Муборизони ҷаҳони қалб душманон шикананд
مبارزانِ جهان قلبِ دشمنان شکنند
Туро чаҳ шуд ки ҳамаи қалби дӯстони шиканӣ
تو را چه شد که همه قلبِ دوستان شکنی؟
Аҷаб дар он на ки офоқ дар ту ҳайронанд
عجب در آن نَه که آفاق در تو حیرانند
Ту ҳам дар оинаи ҳайрони ҳасани хештанӣ
تو هم در آینه حیرانِ حُسنِ خویشتنی
Туро ки дар назар омад ҷамоли талъати хеш
تو را که در نظر آمد جمالِ طلعتِ خویش
Ҳақиқатаст ки дигари назар ба мо накунӣ
حقیقت است که دیگر نظر به ما نکنی
Касе дар оинаи шахсеи бад-ӣн сифат бинад
کسی در آینه شخصی بدین صفت بیند
Кунад ҳар оинаи ҷавру ҷафоу кибр ва манӣ
کُنَد هرآینه جور و جفا و کِبر و مَنی
Дар он даҳан ки ту дорӣ сухан наме гунҷад
در آن دهن که تو داری سخن نمیگنجد
Ман одамӣ нишнидам бад-ӣни шкрдҳнӣ
من آدمی نشنیدم بدین شکردهنی
Шунидае ки мақолоти саъдӣ аз Широз
شنیدهای که مقالاتِ سعدی از شیراز
Ҳаме баранд ба олам чу нофаи хутанӣ
همی بَرند به عالم، چو نافهٔ خُتَنی؟
Магар ки номи хушат бар даҳон ман бигузашт
مگر که نامِ خوشت بر دهان من بگذشت
Бирафт номи ман андари ҷаҳон ба хуши суханӣ
برفت نامِ من اندر جهان به خوشسخنی