Гар моҳ ман барафканад аз рухи ниқоб ро
گر ماهِ من برافکنَد از رخ نقاب را
Бурқаъи Фрўҳлд ба ҷамоли офтоб ро
برقع فروهلد به جمال آفتاب را
Гӯйии ду чашми ҷодӯии ъобдФриб ӯ
گویی دو چشمِ جادویِ عابدفریبِ او
Бар чашми ман ба саҳар бибастанд хоб ро
بر چشمِ من به سِحر ببستند خواب را
Аввали назари з даст бирафтам Аннани ақл
اوّل نظر ز دست برفتم عنانِ عقل
Ваонро ки ақл рафт чаҳ донад савоб ро
وان را که عقل رفت چه داند صواب را
Гуфтам магар ба васли раҳоӣ буд зи ишқ
گفتم مگر به وصل رهایی بوَد ز عشق
Беҳосиласт хӯрдани мстсқии об ро
بیحاصل است خوردنِ مستسقی آب را
Даъвӣ дуруст нестгар аз дасти нозанин
دعوی درست نیست گر از دستِ نازنین
Чун шарбат шукр нахурӣ заҳри ноб ро
چون شربتِ شکر نخوری زهرِ ناب را
Ишқ одамиятастгар ин завқ дар ту нест
عشق آدمیّت است گر این ذوق در تو نیست
Ҳамширкатӣ ба хӯрдан ва хуфтани дўоб ро
همشرکتی به خوردن و خفتن دواب را
Оташ биору хирман озодагон бисӯз
آتش بیار و خرمنِ آزادگان بسوز
То Подшаҳ хароҷ нахоҳад хароб ро
تا پادشه خراج نخواهد خراب را
Қавм аз шароби масту зи манзур бе насиб
قوم از شراب مست و ز منظور بینصیب
Ман маст аз ӯ чунон ки нахоҳам шароб ро
من مست از او چنان که نخواهم شراب را
Саъдии нгФтмт ки Марв дар каманди ишқ
سعدی نگفتمت که مرو در کمندِ عشق
Тир назар бияфканад афросйоб ро
تیرِ نظر بیفکند افراسیاب را