Субҳ механдад ва ман гиряи кунон аз ғами дӯст
صبح میخندد و من گریهکنان از غم دوست
эй дами субҳ чаҳ дории хабар аз мақдами дӯст
ای دم صبح چه داری خبر از مقدم دوست
Бар худами гиря ҳаме ояд ва бар хандаи ту
بر خودم گریه همیآید و بر خندهٔ تو
То табассум чаҳ кунӣ бехабар аз мбсми дӯст
تا تبسّم چه کنی بیخبر از مَبْسَم دوست
эй насими саҳар аз ман ба длором бигӯӣ
ای نسیم سحر از من به دلارام بگوی
Ки касе ҷуз ту надонам ки буд муҳаррами дӯст
که کسی جز تو ندانم که بوَد محرم دوست
Гӯ кам ёр барои дили ағёри мгир
گو کمِ یار برای دل اغیار مگیر
Душмани ин неки писандад ки тугирӣ кам дӯст
دشمن این نیک پسندد که تو گیری کم دوست
Ту ки бо ҷониби хасмат ба иродат назараст
تو که با جانب خصمت به ارادت نظرست
Ба ки зойеъ нагузорӣ тарафи муаззами дӯст
به که ضایع نگذاری طرف معظم دوست
Ман на онам ки аду гуфт ту худ донеи нек
من نه آنم که عدو گفت، تو خود دانی نیک
Ки надорад дили душмани хабар аз олами дӯст
که ندارد دل دشمن خبر از عالم دوست
Неи не эй боди Марви ҳоли ман хаста магӯӣ
نی نی ای باد مرو حال من خسته مگوی
То ғуборӣ нанишинад ба дили хуррами дӯст
تا غباری ننشیند به دل خرم دوست
Ҳар касеро ғам хешасту дили саъдӣ ро
هر کسی را غم خویشست و دل سعدی را
Ҳама вақте ғами он то чаҳ кунад бо ғами дӯст
همه وقتی غم آن تا چه کند با غم دوست