Дидӣ эй дил ки дигар бора чаҳ омад пешам
دیدی ای دل که دگر باره چه آمد پیشم
Чаҳ кунам бо ки бигӯям чаҳ хаёли андешам ?
چه کنم با که بگویم چه خیال اندیشم؟
Кош бар ман нараседӣ ситами ишқи рахт
کاش بر من نرسیدی ستم عشق رخت
Ки фурӯи монда ба ҳоли дили танги хешам
که فرو مانده به حال دل تنگ خویشم
Длбро нозада дар мори сари зулфи ту даст
دلبرا نازده در مار سر زلف تو دست
Чаҳ кунад каждуми ҳиҷрони ту чандини нешам
چه کند کژدم هجران تو چندین نیشم
Ҳамчу даф мехӯрам аз дасти ҷафои ту қафо
همچو دف میخورم از دست جفای تو قفا
Чанги вор аз ғами ҳиҷрони ту сар дар пешам
چنگوار از غم هجران تو سر در پیشم
Обрӯем чаҳ барии оташ ишқам бинишон
آبرویم چه بری آتش عشقم بنشان
Камтар аз хокам ва бар боди мадаи зин бешам
کمتر از خاکم و بر باد مده زین بیشم
Гар ба ҷон ноз кунӣ гар накунам дар рӯят
گر به جان ناز کنی گر نکنم در رویت
То бадоне ки тавонгари дилам ар дарвешам
تا بدانی که توانگر دلم ار درویشم
Дам ба дам дар дилам ояд ки дами куфри занам
دم به دم در دلم آید که دم کفر زنم
То ба ҷони фитнаи он турраи кофари кешам
تا به جان فتنهٔ آن طرهٔ کافر کیشم
Ақл девона шуд аз саъдии девонаи мизоҷ
عقل دیوانه شد از سعدی دیوانه مزاج
Бо парешоне аз он бар сари ҳоли хешам
با پریشانی از آن بر سر حال خویشم