Биёи биё ки зи ишқати чунон парешонам
بیا بیا که ز عشقت چنان پریشانم
Ки меравад зи ғамат бар забони парешонам
که میرود ز غمت بر زبان پریشانم
Ту фориғ аз ман ва ман дар ғами ту ( саргардон )
تو فارغ از من و من در غم تو (سرگردان)
Биё бибин ки зи ғам бар чаҳ сони парешонам
بیا ببین که ز غم بر چه سان پریشانم
На рӯй бо ту нишастан на рой ( дил кандан )
نه روی با تو نشستن نه رای (دل کندن)
Ман шикастаи дили андари миёни парешонам
من شکسته دل اندر میان پریشانم
наме тавон ки ба даст оварам кулолаи ту
نمیتوان که به دست آورم کلاله تو
Чу сунбули ту шабу рӯз аз он парешонам
چو سنبل تو شب و روز از آن پریشانم
Ба ҳбчи навъи дил ва дидаам з ( ман набӯд )
به هیچ نوع دل و دیدهام ز (من نبود)
Азон ҳамеша ман аз дасташони парешонам
ازان همیشه من از دستشان پریشانم
зи дасти дидаи вдли ҳеҷ кас пареш нагашт
ز دست دیده ودل هیچ کس پریش نگشت
Азин бтар ки ман андари ҷаҳони парешонам
ازین بتر که من اندر جهان پریشانم
Чигуна ҷамъ шавад хотирам ки ( май ое )
چگونه جمع شود خاطرم که (میآیی)
зи дасти ҷаври ту номеҳрбони парешонам
ز دست جور تو نامهربان پریشانم
зи атри миҷмар васфат наёфтам бӯе
ز عطر مجمر وصفت نیافتم بویی
Азон зи оташи дил чун духони парешонам
ازان ز آتش دل چون دخان پریشانم
Дилам ба ваъдаи васл ар чаҳ хуш кунад саъдӣ
دلم به وعدهٔ وصل ار چه خوش کند سعدی
Чу дар фироқи бум ҳамчунон парешонам
چو در فراق بوم همچنان پریشانم