Дар ҷомеъи Баълбак вақте калимае ҳаме гуфтам ба тариқи ваъз бо ҷамоатии афсурда , дили мурда , раҳ аз олами сӯрат ба олам маънӣ набарда .
در جامع بَعْلَبَکَّ وقتی کلمهای همیگفتم به طریقِ وعظ با جماعتی افسرده، دل مرده، ره از عالمِ صورت به عالمِ معنی نبرده.
Дидам ки нафасам дар намегираду оташам дар ҳизумтар асар намекунад .
دیدم که نفسم در نمیگیرد و آتشم در هیزمِ تر اثر نمیکند.
Дареғи омадами тарбияти сутурону оинаи дорӣ дар маҳалати кӯрон . Валикин дар маънии боз буду силсилаи сухани дароз .
دریغ آمدم تربیتِ سُتوران و آینهداری در محلّتِ کوران. ولیکن دَرِ معنی باز بود و سلسلهٔ سخن دراز.
Дар маъонии ин оят ки : «у нҳни ақрби илайҳи ман ҳабли алўрид » . Сухан ба ҷое расонида ки гуфтам :
در معانیِ این آیت که: «و نَحْنُ اَقْرَبُ اِلَیْهِ مِنْ حَبْلِ الْوَریدِ». سخن به جایی رسانیده که گفتم:
Дӯсти наздиктар аз ман ба ман аст
دوست نزدیکتر از من به من است
Венаати мушкил ки ман аз ваии даврам
وینت مشکل که من از وی دورم
Чаҳ кунам бо ки тавон гуфт ? : ки ӯ
چه کنم با که توان گفت؟: که او
Дар канори ман ва ман маҳҷӯрам
در کنارِ من و من مهجورم
Ман аз шароби ин сухани масту Фзолаҳи қадаҳ дар даст , ки равандае бар канори маҷлис гузар карду даври охир дар ӯ асар карду наъра Эй зад ки дигарон ба мувофиқат ӯ дар хурӯш омаданду хомони маҷлис ба ҷӯш .
من از شرابِ این سخن مست و فُضالهٔ قَدَح در دست، که روندهای بر کنارِ مجلس گذر کرد و دورِ آخر در او اثر کرد و نعرهای زد که دیگران به موافقتِ او در خروش آمدند و خامانِ مجلس به جوش.
Гуфтам : эй субҳони аллоҳ ! даврони бохабар дар ҳузуру наздикон бе басари давр !
گفتم: ای سُبْحانَ اللهِ! دُورانِ باخبر در حضور و نزدیکانِ بیبَصَر دور!
Фаҳми сухан чун накунад мустамеъ
فهمِ سخن چون نکند مُستمِع
Қӯти табъ аз мутакаллими мҷўӣ
قوّتِ طبع از متکلّم مجوی
Фсҳти майдон иродат биор
فُسْحَتِ میدانِ ارادت بیار
То бузанд марди сухангӯӣ , гӯй
تا بزند مردِ سخنگوی، گوی