Ёд дорам ки шабӣ дар корвонии ҳамаи шаб рафта будаму саҳар дар канори бешае хуфта .
یاد دارم که شبی در کاروانی همه شب رفته بودم و سحر در کنارِ بیشهای خفته.
Шӯридае ки дар он сафари ҳамроҳи мо буд наъра Эй бароварду роҳ биёбон гирифт ва як нафас ором наёфт .
شوریدهای که در آن سفر همراهِ ما بود نعرهای برآورد و راهِ بیابان گرفت و یک نفس آرام نیافت.
Чун рӯз шуд , гуфтамаш : он чаҳ ҳолат буд ?
چون روز شد، گفتمش: آن چه حالت بود؟
Гуфт : булбулонро дидам ки ба нолш дар омада буданд аз дарахт ,у Кебекон аз кӯҳу ғўкон дар об ва бҳоем аз беша ;
گفت: بلبلان را دیدم که به نالش در آمده بودند از درخت، و کبکان از کوه و غوکان در آب و بَهایم از بیشه؛
Андеша кардам ки мурувват набошад ҳама дар тасбеҳ ва ман ба ғифлати хуфта .
اندیشه کردم که مروّت نباشد همه در تسبیح و من به غفلت خُفته.
Дӯши мурғӣ ба субҳ ме нолид
دوش مرغی به صبح مینالید
Ақлу сабрами бабраду тоқату ҳуш
عقل و صبرم ببُرد و طاقت و هوش
Яке аз дӯстони мухлис ро
یکی از دوستان مخلِص را
Магари овоз ман расед ба гӯш
مگر آواز من رسید به گوش
Гуфт бовар надоштам ки ту ро
گفت باور نداشتم که تو را
Бонги мурғӣ чунин кунад мадҳуш
بانگِ مرغی چنین کند مدهوش
Гуфтам : ин шарт одамият нест
گفتم: این شرطِ آدمیّت نیست
Мурғи тасбеҳи гӯй ва ман хомӯш
مرغْ تسبیحگوی و من خاموش