Мушти заниро ҳикоят кунанд ки аз даҳри мухолиф ба фиғони омадау ҳалқи фарох аз дасти танг ба ҷони расида , шикояти пеши падари бараду иҷозати хост ки : азм сафар дорам , магар ба қӯти бозуи домани комии фарои чанги орм .

مشت‌زنی را حکایت کنند که از دهرِ مخالف به فغان آمده و حلقِ فراخ از دستِ تنگ به جان رسیده، شکایت پیشِ پدر بُرد و اجازت خواست که: عزمِ سفر دارم، مگر به قوَّتِ بازو دامنِ کامی فرا چنگ آرم.

Фазлу ҳунар зойеъаст то нанамоянд

فضل و هنر ضایع است تا ننمایند

Авд бар оташ ниҳанду машки бсоинд

عود بر آتش نهند و مُشک بسایند

Падар гуфт : эй писар ! хаёли маҳол аз сар ба дар куну пои қаноат дар домани саломати каш ки бузургон гуфтаанд : давлат на ба кўшиднаст , чора кам ҷӯшиданаст .

پدر گفت: ای پسر! خیالِ مُحال از سر به‌دَر‌ کُن و پایِ قناعت در دامنِ سلامت کش که بزرگان گفته‌اند: دولت نه به کوشیدن است، چاره کم جوشیدن است.

Кас натавонад гирифт домани давлат ба зӯр

کس نتواند گرفت دامنِ دولت به زور

Кӯшиш бе фоидаи сети васма бар абрӯии кӯр

کوشش‌ِ بی‌فایده‌ست وَسْمه بر ابرویِ کور

Агар ба ҳар сари мўиити сад хирад бошад

اگر به هر سرِ موییت صد خِرَد باشد

Хирад ба кор наёяд , чу бахт бад бошад

خِرَد به کار نیاید‌، چو بختْ بد باشد

Писар гуфт : эй падар ! фавойиди сафар бисёраст ; аз нузҳати хотиру ҷири манофе ва дидани аҷоибу шунидани ғароибу тафарруҷи баладону муҷовирати хулону таҳсили ҷоҳу адабу мазиди молу мктсбу маърифати ёрону тҷрбти рӯзгорон , чунонкии соликон тариқат гуфтаанд :

پسر گفت: ای پدر! فوایدِ سفر بسیار است؛ از نُزهَتِ خاطر و جَرِّ منافع و دیدنِ عجایب و شنیدنِ غرایب و تفرّجِ بُلْدان و مجاورتِ خُلّان و تحصیلِ جاه و ادب و مزیدِ مال و مُکتَسَب و معرفتِ یاران و تجرِبتِ روزگاران، چنانکه سالکانِ طریقت گفته‌اند:

То ба дукону хонаи дргрўӣ

تا به دکّان و خانه درگِرَوی

Ҳаргиз эй хом , одамӣ нашӯй

هرگز ای خام‌، آدمی نشَوی

Бирав андари ҷаҳон тафарруҷ кун

برو اندر جهان تفرّج کن

Пеш аз он рӯз каз ҷаҳон биравӣ

پیش از آن روز کز جهان برَوی

Падар гуфт : эй писар ! манофеи сафари чунин ки гуфтӣ бешумораст валикини мусаллами панҷ тайифаи рост :

پدر گفت: ای پسر! منافعِ سفر چنین که گفتی بی‌شمار است ولیکن مُسَلَّم پنج طایفه راست:

Нахустин : бозаргонӣ ки бо вуҷӯди неъмат ва макунат , ғуломон ва канизон дорад диловезу шогирдони чобук . Ҳар рӯз ба шаҳрӣ ва ҳар шаб ба мақомӣ ва ҳар дам ба тафарруҷгоҳӣ аз Наими дунёи мтмтъ .

نخستین: بازرگانی که با وجودِ نعمت و مِکنَت، غلامان و کنیزان دارد دلاویز و شاگردانِ چابک. هر روز به شهری و هر شب به مَقامی و هر دم به تفرّجگاهی از نعیمِ دنیا مُتَمَتِّع.

Манъам ба кӯҳу дашту биёбон ғариб нест

مُنْعِم به کوه و دشت و بیابان غریب نیست

Ҳар ҷо ки рафт хайма заду хобгоҳи сохт

هر جا که رفت خیمه زد و خوابگاه ساخت

Ва онро ки бар мурод ҷаҳон нест дастрас

و‌آن را که بر مرادِ جهان نیست دسترس

Дар зоду буми хеш ғарибасту ношинохт

در زاد‌و‌بومِ خویش غریب است و ناشناخت

Дувум : олимӣ ки ба мантиқи ширину қӯти фасоҳату мояи балоғат ҳар ҷо ки равад ба хизмат ӯ иқдоми намоянд ва икром кунанд .

دوم: عالِمی که به منطقِ شیرین و قوّتِ فصاحت و مایهٔ بلاغت هر جا که روَد به خدمتِ او اِقدام نمایند و اِکرام کنند.

Вуҷӯди мардуми донои мисоли зари тлии сет

وجودِ مردمِ دانا مثالِ زرِّ‌ طِلی‌ست

Ки ҳар куҷо баравад қадар ва қиматаш донанд

که هر کجا بروَد قدر و قیمتش دانند

Бузурги зодаи нодон ба шҳрўо монад

بزرگ‌زادهٔ نادان به شَهْرَوا مانَد

Ки дар диёри ғарибаш ба ҳеҷ нстоннд

که در دیارِ غریبش به هیچ نستانند

Сим : хубрӯе ки даруни соҳиби дилон ба мхолтт ӯ майл кунад ки бузургон гуфтаанд : андакии ҷамол ба аз бисёре мол , ва гӯйанд : рӯй зебои марҳами дилҳои хастаасту калиди дарҳои баста ; лоҷарами суҳбат ӯро ҳамаи ҷой ғанимат шиносанду хизматашро миннат донанд .

سِیُّم: خوبرویی که درونِ صاحب‌دلان به مخالطتِ او میل کند که بزرگان گفته‌اند: اندکیِ جمال به از بسیاریِ مال، و گویند: رویِ زیبا مرهمِ دل‌های خسته است و کلیدِ درهای بسته؛ لاجَرَم صحبتِ او را همه‌جای غنیمت شناسند و خدمتش را منّت دانند.

Шоҳиди онҷо ки равад , ҳурмат ва иззат бинад

شاهد آنجا که روَد، حرمت و عزّت بیند

Вар баронанд ба қаҳраши падару модару хеш

ور برانند به قهرش پدر و مادر و خویش

Пари товус дар авроқ мсоҳФ дидам

پرِ طاووس در اوراقِ مَصاحِف دیدم

Гуфтам : ин манзалат аз қадари ту май байнам беш

گفتم: این مَنْزِلت از قدرِ تو می‌بینم بیش

Гуфт : хомӯш ки ҳар кас ки ҷамолӣ дорад

گفت: خاموش که هر کس که جَمالی دارد

Ҳар куҷои пой наад , даст надорандаш пеш

هر کجا پای نهد، دست ندارندش پیش

Чун дар писари мувофиқӣу дилбарӣ буд

چون در پسر مُوافِقی و دلبری بوَد

Андеша нест ,гар падар аз ваии барӣ буд

اندیشه نیست، گر پدر از وی بَری بوَد

ӯ гавҳараст , гӯи садафаш дар ҷаҳон мабош

او گوهر است‌، گو صدفش در جهان مباش

Дар ятемро ҳамаи каси муштарӣ буд

دُرِّ یتیم را همه‌کس مشتری بوَد

Чаҳорум : хуши овозӣ ки ба ҳанҷараи Довӯдии об аз ҷараёну мурғ аз тайрон боз дорад ; пас ба всилти ин фазилат , дили муштоқон сайд кунаду арбоби маънӣ ба мнодмт ӯ рағбати намоянд ва ба анвоъ хизмат кунанд .

چهارم: خوش‌آوازی که به حنجرهٔ داوودی آب از جَرَیان و مرغ از طَیَران باز‌دارد؛ پس به وَسیلتِ این فَضیلت، دلِ مشتاقان صید کند و اربابِ معنی به مُنادِمَتِ او رغبت نمایند و به انواع خدمت کنند.

Самъии алиٰи ҳасани улоғоне

سَمْعی اِلیٰ حُسْنِ الْاَغانی

Ман зои алзии ҷси алмсонӣ ?

مَنْ ذَا الَّذی جَسَّ الْمَثانی؟

Чаҳ хуш бошад оҳанги нарми ҳазин

چه خوش باشد آهنگِ نرمِ حَزین

Ба гӯши ҳарифони масти сабӯҳ

به گوشِ حریفانِ مستِ صَبوح

Ба аз рӯй зебост овози хуш

به از رویِ زیباست آوازِ خوش

Ки он ҳазз нафасаст ва ин қӯти рӯҳ

که آن حَظِّ نفس است و این قوتِ روح

ё каминаи пешаи варӣ ки ба саъии бозуи кафофӣ ҳосил кунад то обрӯӣ аз баҳри нон рехта нагардад , чунон ки хирадмандон гуфтаанд :

یا کمینه پیشه‌وری که به سعیِ بازو کَفافی حاصل کند تا آبروی از بهرِ نان ریخته نگردد، چنان که خردمندان گفته‌اند:

Гар ба ғарибӣ равад аз шаҳри хеш

گر به غریبی روَد از شهرِ خویش

Сахтӣу меҳнати набарди пинаи дуз

سختی و محنت نبَرَد پینه‌دوز

Вар ба харобӣ фитад аз мамлакат

ور به خرابی فتَد از مملکت

Гурусна хуфтад малики нимрўз

گُرسَنه خفتَد مَلِکِ نیمروز

Чунин сифатҳо ки баён кардам , эй фарзанд , дар сафари мӯҷиби ҷамъият хотирасту доъияи таййиби айш . Ва он ки аз ин ҷумла бебаҳрааст , ба хаёли ботил дар ҷаҳон бараваду дигари касаши ном ва нишон нашунӯд .

چنین صفت‌ها که بیان کردم، ای فرزند، در سفر موجبِ جمعیّتِ خاطر است و داعیهٔ طِیبِ عیش. و آن‌که از این جمله بی‌بهره است، به خیالِ باطل در جهان بروَد و دیگر کسش نام و نشان نشنود.

Ҳар он ки гардиши гетӣ ба кин ӯ бархест

هر آن که گردشِ گیتی به کینِ او برخاست

Ба ғайри маслиҳаташ раҳбарӣ кунад айём

به غیرِ مصلحتش رهبری کند ایّام

Кабӯтарӣ ки дигар ошён нахоҳад дид

کبوتری که دگر آشیان نخواهد دید

Қазои ҳамеи барадаш то ба сӯии донаи дом

قضا همی‌بَرَدش تا به سویِ دانهٔ دام

Писар гуфт : эй падар ! қавли ҳукаморо чигуна мухолифат кунем ? ки гуфтаанд ризқ агарчӣ мақсумаст , ба асбоби ҳусӯли он таъаллуқ шартасту бало агарчӣ мақдӯр , аз абвоби духули он эҳтирози воҷиб .

پسر گفت: ای پدر! قولِ حکَما را چگونه مخالفت کنیم؟ که گفته‌اند: رزق اگرچه مقسوم است‌، به اسباب‌ِ حُصول‌، تعلّقْ شرط است و بلا اگرچه مقدور، از ابواب‌ِ دخولِ آن احتراز واجب.

Ризқ агар чанд бегумон бирасад

رزق اگر‌چند بی‌گمان برسد

Шарт ақласт ҷустан аз дарҳо

شرطِ عقل است، جُستن از درها

Врчаҳи кас беаҷал нахоҳад мард

ورچه کس بی‌اجل نخواهد مُرد

Ту Марв дар даҳони аждарҳо

تو مرو در دهانِ اژدرها

Дар ин сӯрат ки манам бо пел дмон бизанам ва бо шери жёни панҷа дар афканами пас маслиҳат онаст эй падар ки сафар кунам каз ин беш тоқати бенавоӣ наме орм .

در این صورت که منم با پیلِ دَمان بزنم و با شیرِ ژیان پنجه در‌افکنم؛ پس مصلحت آن است ای پدر، که سفر کنم کز این بیش طاقتِ بینوایی نمی‌آرم.

Чун марди дрФтоди зи ҷойу мақоми хеш

چون مرد درفتاد ز جای و مقامِ خویش

Дигар чаҳ ғам хӯрд ? ҳамаи офоқ ҷой ӯст

دیگر چه غم خورَد؟ همه آفاق جایِ اوست

Шаб ҳар тавонгарӣ ба сароеи ҳамеи раванд

شب هر توانگری به سرایی همی‌روند

Дарвеши ҳркҷо ки шаб омад сарой ӯст

درویش هرکجا که شب آمد، سرایِ اوست

Ин бигуфту падарро видоъ карду ҳиммати хост ва равон шуд ва бо худ ҳаме гуфт :

این بگفت و پدر را وداع کرد و همّت خواست و روان شد و با خود همی‌گفت:

Ҳнрўр чу бахташ набошад ба ком

هنروَر چو بختش نباشد به کام

Ба ҷое равад каш ндонанд ном

به جایی روَد کش ندانند نام

Ҳамчунин то барисед ба канори обӣ ки санг аз салобат ӯ бар санг ҳаме омаду хурӯш ба фарсанг мерафт .

همچنین تا برسید به کنارِ آبی که سنگ از صلابتِ او بر سنگ همی‌آمد و خروش به فرسنگ می‌رفت.

Сҳмгни обӣ ки Мурғобӣ дар ӯ эмин набӯдӣ

سهمگن آبی که مرغابی در او ایمن نبودی

Камтарини мавҷи Асияи санг аз канораш дар рабӯдӣ

کمترین موج، آسیا‌سنگ از کنارش در‌رُبودی

Гуруҳеи мардумонро дид ҳар як ба қурозае дар маъбар нишастау рахти сафари баста . Ҷавонро дасти атои баста буд , забони санои бргшўд . Чандон ки зорӣ кард ёрӣ накарданд . Млоҳ бемурувват ба ханда баргардед ва гуфт :

گروهی مردمان را دید هر یک به قراضه‌ای در معبر نشَسته و رختِ سفر بسته. جوان را دستِ عطا بسته بود، زبانِ ثنا برگشود؛ چندان که زاری کرد یاری نکردند. ملّاحِ بی‌مروَّت به خنده برگردید و گفت:

Зар надорӣ натавон рафт ба зӯр аз дар ёр

زر نداری نتوان رفت به زور از دریار

Зӯри даҳ мурда чаҳ бошад ? зари як мурда биор !

زور‌ِ دَه‌مَرده چه باشد‌؟ زرِ یک‌مَرده بیار‌!

Ҷавонро дил аз таънаи млоҳ ба ҳам баромад . Хост ки аз ӯ интиқом кашад , киштии рафта буд . Овоз дод ва гуфт : агар бад-ӣни ҷома ки пӯшида дорам қаноат кунӣ дареғ нест . Млоҳ тамаъ кард ва киштӣ бозгардонед .

جوان را دل از طعنهٔ ملّاح به‌هم برآمد، خواست که از او انتقام کَشد، کَشتی رفته بود. آواز داد و گفت: اگر بدین جامه که پوشیده دارم قناعت کنی، دریغ نیست. ملّاح طمع کرد و کَشتی بازگردانید.

Бидӯзад шара , дидаи ҳӯшманд

بدوزد شَرَه‌، دیدهٔ هوشمند

Дар оради тамаъ , мурғу моҳӣ ба банд

در‌آرَد طمع‌، مرغ و ماهی به بند

Чандон ки ришу гиребон ба даст ҷавон афтод ба худ дркшид ва бемуҳобо кӯфтан гирифт . Ёраш аз киштӣ ба дар омад то пуштӣ кунад , ҳамчунин дуруштӣ дид ва пушт бидод . Ҷузи ин чора надоштанд ки бо ӯ ба масолеҳати гроинд ва ба аҷрати мсомҳти намоянд . Кули мудороаи садақа

چندان که ریش و گریبان به دستِ جوان افتاد، به خود درکشید و بی‌مُحابا کوفتن گرفت. یارش از کَشتی به‌در‌آمد تا پشتی کند؛ همچنین درشتی دید و پشت بداد. جز این چاره نداشتند که با او به مصالحت گرایند و به اجرت مُسامحت نمایند؛ کُلُّ مُدٰاراةٍ صَدَقَةٌ.

Чу пархоши бинӣ таҳаммул биор

چو پرخاش بینی تحمّل بیار

Ки саҳлии бибандад дар корзор

که سهلی ببندد درِ کارزار

Ба ширини забонӣу лутфу хушӣ

به شیرین‌زبانیّ و لطف و خوشی

Туоне ки пелӣ ба мӯеи кашӣ

توانی که پیلی به مویی کشی

Ба узри мозӣ дар қадамаш фитоданду бӯса чанде ба нифоқ бар сар ва чашмаш доданд . Пас ба киштӣ дароварданд ва равон шуданд то брсиднд ба сутунӣ аз иморати Юнон дар оби истода . Млоҳ гуфт : киштиро халал ҳаст , яке аз шумо ки диловар тараст бояд ки бад-ӣн сутун бараваду хатоам киштӣ бигирад то иморат кунем . Ҷавон ба ғурури диловарӣ ки дар сар дошт аз хасми дил озурда наяндешеду қавли ҳукамо ки гуфтаанд ҳар киро ранҷӣ ба дили расонидӣ агар дар ақаби он сад роҳат барисоне аз подоши он як ранҷиш эмин мабош ки пайкон аз ҷароҳат ба даройаду озор дар дил бимонад .

به عذرِ ماضی در قدمش فتادند و بوسهٔ چندی به نفاق بر سر و چشمش دادند؛ پس به کَشتی درآوردند و روان شدند تا برسیدند به ستونی از عمارتِ یونان در آب ایستاده. ملّاح گفت: کَشتی را خَلَل هست؛ یکی از شما که دلاور‌تر است باید که بدین ستون بروَد و خِطامِ کَشتی بگیرد تا عمارت کنیم. جوان به غرورِ دلاوری که در سر داشت، از خصمِ دل‌آزرده نیندیشید و قولِ حکما که گفته‌اند: هر که را رنجی به دل رسانیدی، اگر در عقبِ آن صد راحت برسانی، از پاداشِ آن یک رنجش ایمن مباش، که پیکان از جراحت به‌درآید و آزار در دل بمانَد.

Чаҳ хуш гуфт бктош бо хилтош

چه خوش گفت بَکْتاش با خَیْلتاش

Чу душман харошидӣ эмин мабош

چو دشمن خراشیدی، ایمن مباش

Машав эмин ки тнгдли гардӣ

مشو ایمن، که تَنگ‌دل گَردی

Чун зи дастати дилӣ ба танг ояд

چون ز دستت دلی به تَنگ آید

Санг бар бора ҳисор мазан

سنگ بر بارهٔ حصار مزن

Ки буд каз ҳисор санг ояд

که بوَد کز حصار سنگ آید

Чандон ки мқўди киштӣ ба соид барпечеду болой сутун рафт , млоҳи зимом аз кафши дргслонид ва киштӣ баранд . Бечора мутаҳайир бимонад . Рӯзии ду бало ва меҳнат кашид ва сахтӣ дид . Сими хобаш гиребон гирифт ва ба оби андохт . Баъди шбонрўзӣ дигар бар канор афтод , аз ҳётши рамақии монда . Барги дарахтон хӯрдан гирифту бехи гиёҳони баровардан , то андакӣ қӯт ёфт . Сар дар биёбони ниҳод ва ҳаме рафт то ташна ва бетоқат ба сар чоҳӣ расед , қавмӣ бар ӯ гирди омадау шарбатии об ба пашизии ҳаме ошомиданад . Ҷавонро пашизӣ набӯд . Талаб кард ва бечорагӣ намӯд , раҳмат наёварданд . Дасти таъаддӣ дароз кард , муяссар нашуд . Ба зарурати танӣ чандро ФрўкўФт , мардон ғалаба карданд ва бе муҳобои бзднд ва маҷрӯҳ шуд .

چندان که مِقْوَدِ کَشتی به ساعد برپیچید و بالایِ ستون رفت، ملّاح زِمام از کَفَش درگسلانید و کَشتی براند. بیچاره متحیّر بماند. روزی دو بلا و محنت کشید و سختی دید. سِیُّم خوابش گریبان گرفت و به آب انداخت. بعدِ شبانروزی دگر بر کنار افتاد، از حیاتش رمقی مانده. برگِ درختان خوردن گرفت و بیخِ گیاهان برآوردن، تا اندکی قوَّت یافت. سر در بیابان نهاد و همی‌رفت تا تشنه و بی‌طاقت به سرِ چاهی رسید، قومی بر او گِرد آمده و شربتی آب به پشیزی همی‌آشامیدند. جوان را پشیزی نبود. طلب کرد و بیچارگی نمود، رحمت نیاوردند. دستِ تعدّی دراز کرد، میسَّر نشد. به ضرورت تنی چند را فروکوفت، مردان غلبه کردند و بی‌محابا بزدند و مجروح شد.

Пашша чу пар шуд бузанд пел ро

پشّه چو پُر شد، بزند پیل را

Бо ҳамаи тундӣу салобат ки ӯст

با همه تندی و صلابت که اوست

Мӯрчагонро чу буд иттифоқ

مورچگان را چو بوَد اتّفاق

Шери жёнро бдроннди пӯст

شیرِ ژیان را بدرانند پوست

Ба ҳукми зарурат дар пай корвонӣ афтод ва бирафт . Шабонгаҳи брсиднд ба мақомӣ ки аз дуздони пурхатар буд . Корвонёнро дид ларза бар андоми аўФтодаҳу дил бар ҳалоки ниҳода . Гуфт : андеша мадоред ки яке манам дар ин миён ки ба танҳо панҷоҳ мардро ҷавоби даҳуму дигари ҷавонони ҳам ёрӣ кунанд . Ин бигуфту мардуми корвонро ба лоф ӯ дили қавии гашт ва ба суҳбаташ шодмонӣ карданд ва ба зоду обаши дастгирӣ воҷиб донистанд . Ҷавонро оташи меъдаи болои гирифта буду Аннани тоқат аз дасти рафта . Луқмае чанд аз сари иштиҳо тановул карду дамӣ чанд об дар сараш ошомед то деви дарунаши бёрмид ва бихуфт . Пермардии ҷаҳони дида дар он миён буд . Гуфт : эй ёрон ! ман аз ин бадарғаи шумо андишнокм , на чандон ки аз дуздон ; чунон ки ҳикоят кунанд ки арабиро дарме чанд гирди омада буд ва ба шаб аз ташвиши лўрён дар хона танҳо хобаш наме барад . Якеро аз дӯстони пеш худ оварад то ваҳшати танҳоӣ ба дидор ӯ мунсариф кунаду шабӣ чанд дар суҳбат ӯ буд . Чандон ки бар дирамҳоаш итилоъ ёфт , бабрад ва бихӯрад ва сафар кард . Бомдодони диданди арабро гирёну урён . Гуфтанд : ҳол чист ? магари он дирамҳои турои дузди барад ? гуфт : лои вллаҳ ! бадарғаи барад .

به حکمِ ضرورت در پیِ کاروانی افتاد و برَفت؛ شبانگه برسیدند به مقامی که از دزدان پرخطر بود. کاروانیان را دید لرزه بر اندام اوفتاده و دل بر هلاک نهاده. گفت: اندیشه مدارید که یکی منم در این میان که به تنها پنجاه مَرد را جواب دهم و دیگر جوانان هم یاری کنند. این بگفت و مردمِ کاروان را به لافِ او دل قوی گشت و به صحبتش شادمانی کردند و به زاد و آبش دستگیری واجب دانستند. جوان را آتشِ معده بالا گرفته بود و عنانِ طاقت از دست رفته؛ لقمه‌ای چند از سرِ اشتها تناول کرد و دَمی چند آب در سَرش آشامید تا دیوِ درونش بیارمید و بخفت. پیرمردی جهان‌دیده در آن میان بود. گفت: ای یاران! من از این بدرقهٔ شما اندیشناکم، نه چندان که از دزدان؛ چنان که حکایت کنند که عربی را دِرَمی چند گِرد آمده بود و به شب از تشویشِ لوریان در خانه تنها خوابش نمی‌برد؛ یکی را از دوستان پیشِ خود آورد تا وحشتِ تنهایی به دیدارِ او منصرف کُند و شبی چند در صحبتِ او بود. چندان که بر درم‌هاش اطّلاع یافت، ببُرد و بخورد و سفر کرد. بامدادان دیدند عرب را گریان و عریان. گفتند: حال چیست؟ مگر آن درم‌های تو را دزد بُرد؟ گفت: لٰا وَللّهِ! بدرقه بُرد.

Ҳаргизи эмини зи мори нншстм

هرگز ایمن ز مار ننشستم

Ки бдонстми ончӣ хислат ӯст

که بدانستم آنچه خصلتِ اوست

Захми дандони душманӣ бтар аст

زخمِ دندانِ دشمنی بَتَر است

Ки намояд ба чашми мардуми дӯст

که نماید به چشمِ مردم، دوست

Чаҳ донед агар ин ҳам аз ҷумла дуздон бошад ки ба айёрӣ дар миёни мо таъбия шудааст то ба вақти фурсати ёронро хабар кунад ? маслиҳати он байнам ки мар ӯро хуфта бимонем ва баронем . Ҷавононро тадбири пер устувор омаду мҳобтӣ аз мушти зан дар дил гирифтанд ва рахт бардоштанду ҷавонро хуфтаи бгзоштнд . Он гуҳ хабар ёфт ки офтобаш дар китф тофт . Сар бароварду корвон рафта дид . Бечора басӣ бигардеду раҳ ба ҷое набард . Ташнау бенаво рӯй бар хоку дил бар ҳалоки ниҳода ҳаме гуфт :

چه دانید اگر این هم از جملهٔ دزدان باشد که به عیّاری در میانِ ما تعبیه شده است تا به وقتِ فرصت یاران را خبر کند‌؟ مصلحت آن بینم که مر او را خفته بمانیم و برانیم. جوانان را تدبیرِ پیر استوار آمد و مهابتی از مشت‌زن در دل گرفتند و رخت برداشتند و جوان را خفته بگذاشتند. آن‌گه خبر یافت که آفتابش در کتف تافت؛ سَر برآورد و کاروان رفته دید. بیچاره بسی بگردید و ره به جایی نبُرد؛ تشنه و بی‌نوا روی بر خاک و دل بر هلاک نهاده همی‌گفت:

Ман зои иҳдснӣу зами алъис

مَنْ ذٰا یُحَدِّثُنی وَ زُمَّ الْعیسُ

Мо ллғриби сӯии алғриби анис

مٰا لِلْغریبِ سِوَیَ الْغَریبِ اَنیسُ

Дуруштӣ кунад бо ғарибон касе

درشتی کند با غریبان کسی

Ки нобӯда бошад ба ғурбати басӣ

که نابوده باشد به غربت بسی

Мискин дар ин сухан буд ки Подшаҳи писарӣ ба сайд аз лашкарёни дурафтода буд . Болои сараши истода ҳаме шунид ва дар ҳиأтш нигаҳ мекард , сӯрати зоҳираши покизау сӯрати ҳолаши парешон .

مسکین در این سخن بود که پادشه‌پسری به صید از لشکریان دورافتاده بود، بالای سرش ایستاده، همی‌شنید و در هیأتش نگه می‌کرد، صورتِ ظاهرش پاکیزه و صورتِ حالش پریشان؛

Пурсед : аз куҷоеу бад-ӣни ҷойгаҳ чун афтодӣ ? бархе аз ончӣ бар сар ӯ рафта буд аъодт кард . Малики зодаро бар ҳоли табоҳ ӯ раҳмат омад , халъат ва неъмат доду Муътамидӣ бо вай фиристод то ба шаҳр хеш омад . Падар ба дидор ӯ шодмонӣ кард ва бар саломати ҳолаш шукр гуфт . Шабонгаҳи зи ончӣ бар сар ӯ гузашта буд аз ҳолати киштӣу ҷаври млоҳу рӯстоён бар сари чоҳу ғдри корвонён бо падар мегуфт . Падар гуфт : эй писар ! нгФтмти ҳангом рафтан ки туҳидастонро дасти далерӣ бастаасту панҷаи ширии шикаста ?

پرسید: از کجایی و بدین جایگه چون افتادی؟ برخی از آنچه بر سرِ او رفته بود اعادت کرد. ملک‌زاده را بر حالِ تباهِ او رحمت آمد؛ خلعت و نعمت داد و معتمدی با وی فرستاد تا به شهرِ خویش آمد. پدر به دیدارِ او شادمانی کرد و بر سلامتِ حالش شُکر گفت. شبانگه ز آنچه بر سرِ او گذشته بود: از حالتِ کَشتی و جورِ ملّاح و روستایان بر سرِ چاه و غدرِ کاروانیان با پدر می‌گفت. پدر گفت: ای پسر! نگفتمت هنگامِ رفتن که تهیدستان را دستِ دلیری بسته است و پنجهٔ شیری شکسته؟

Чаҳ хуш гуфт он туҳидасти салаҳшӯр

چه خوش گفت آن تهی‌دستِ سلحشور:

Ҷӯии зари беҳтар аз панҷоҳ ман зӯр

جویِ زر بهتر از پنجاه من زور.

Писар гуфт : эй падар ! ҳар оина то ранҷ набарӣ ганҷ барнадорӣ ва то ҷон дар хатар нанаҳй бар душман зафар наёбӣ ва то дона парешон накунӣ хирман брнагирӣ .

پسر گفت: ای پدر! هر آینه تا رنج نبَری، گنج برنداری و تا جان در خطر ننهی بر دشمن ظفر نیابی و تا دانه پریشان نکُنی خرمن برنگیری؛

Набинӣ ба андаки мояи ранҷӣ ки барадам чаҳ таҳсил роҳат кардам ва ба нешӣ ки хӯрдам чаҳ моя асал оварадам ?

نه بینی به اندک‌مایه رنجی که بردم چه تحصیلِ راحت کردم و به نیشی که خوردم چه مایه عسل آوردم؟

Гарчи беруни з ризқ натавон хӯрд

گرچه بیرون ز رزق نتوان خوَرد

Дар талаб коҳилӣ нишоед кард

در طلب کاهلی نشاید کرد

Ғаввос агар андеша кунад коми наҳанг

غوّاص اگر اندیشه کند کامِ نهنگ

Ҳаргиз накунад дар гиронмоя ба чанг

هرگز نکند دُرِّ گرانمایه به چنگ

Асияи санги зерин мутаҳаррик нест , лоҷарами таҳаммули бори гарон ҳаме кунад .

آسیا‌سنگِ زیرین متحرّک نیست، لاجَرَم تحمّلِ بارِ گران همی‌کند.

Чаҳ хӯрд шери шарза дар бен ғор

چه خورَد شیرِ شَرزه در بنِ غار؟

БозоФтодаҳро чаҳ қӯт буд

بازِ افتاده را چه قوت بوَد؟

То ту дар хонаи сайд хоҳӣ кард

تا تو در خانه صید خواهی کرد

Дасту поят чу анкабут буд

دست و پایت چو عنکبوت بوَد

Падар гуфт : эй писар ! туро дар ин навбати фалак ёварӣ карду иқболи раҳбарӣ ки соҳиби давлатӣ дар ту расед ва бар ту ббхшоииду касри ҳолатро ба тафаққудӣ ҷабр кард ва чунин иттифоқ нодир уфтад ва бар нодир ҳукм натавон кард , зинҳор то бад-ӣни тамаъи дигарбораи гирд велъ нагардӣ .

پدر گفت: ای پسر! تو را در این نوبت فلک یاوری کرد و اقبال رهبری، که صاحب‌دولتی در تو رسید و بر تو ببخشایید و کسرِ حالت را به تفقّدی جَبر کرد و چنین اتّفاق نادر افتد و بر نادر حکم نتوان کرد؛ زنهار تا بدین طمع دگرباره گِردِ ولع نگردی.

Сайёд на ҳар бори шголии бабрад

صیّاد نه هر بار شَگالی ببَرَد

Уфтад ки яке рӯз палангаш бихӯрад

افتد که یکی روز پلنگش بخورَد

Чунон ки якеро аз мулӯки порси нигинии гиронмоя бар ангуштарӣ буд . Борӣ ба ҳукми тафарруҷ бо танӣ чанд хосон ба мусаллои Широз бурун рафт . Фармуд то ангуштариро бар гунбади ъзд насб карданд то ҳар ки тир аз ҳалқа ангуштарӣ бигузаранд , хотам ӯро бошад . Иттифоқан чаҳорсад ҳукм андоз ки дар хизмат ӯ буданд ҷумла хато карданд , магари кӯдакӣ бар боми работӣ ки ба бозичаи тир аз ҳар тарафӣ май андохт . Боди сабои тир ӯро ба ҳалқаи ангуштарии дрбгзрониду халъат ва неъмат ёфту хотам ба вай арзонӣ доштанд . Писари тиру камонро бсухт . Гуфтанд : чаро кардӣ ? гуфт : то равнақи нахустин бар ҷой монад .

چنان که یکی را از ملوکِ پارس نگینی گرانمایه بر انگشتری بود، باری به حکمِ تفرّج با تنی چند خاصّان به مصلّایِ شیراز برون رفت. فرمود تا انگشتری را بر گنبدِ عَضُد نصب کردند تا هر که تیر از حلقهٔ انگشتری بگذراند، خاتم او را باشد. اتّفاقاً چهارصد حُکم‌انداز که در خدمتِ او بودند جمله خطا کردند، مگر کودکی بر بام رباطی که به بازیچه تیر از هر طرفی می‌انداخت؛ بادِ صبا تیرِ او را به حلقهٔ انگشتری دربگذرانید و خلعت و نعمت یافت و خاتم به وی ارزانی داشتند. پسر تیر و کمان را بسوخت. گفتند: چرا کردی؟ گفت: تا رونقِ نخستین بر جای مانَد.

Гуҳ буд каз ҳакими равшани рой

گه بوَد کز حکیمِ روشن‌رای

Брнёиди дурусти тадбирӣ

برنیاید درست تدبیری

Гоҳ бошад ки кӯдакии нодон

گاه باشد که کودکی نادان

Ба ғалат бар ҳадаф занад тирӣ

به غلط بر هدف زنَد تیری

Хониш
ҳкоӣт шморҳ 27 — ҳмӣдрзо мҳмдӣ
ҳкоӣт шморҳ 27 — обволфзл ҳсн зодҳ