Дар унфувони ҷавонии чунон ки уфтаду доне бо шоҳидии сиррӣу сиррии доштам ба ҳукми он ки ҳалқӣ дошт таййиби алодоу халқии колбдри азои бдо .
در عُنْفُوانِ جوانی چنان که افتد و دانی، با شاهدی سَری و سِرّی داشتم، به حکمِ آن که حَلقی داشت طَیِّبُ الْاَدا وَ خَلقی کَالْبَدْرِ إذٰا بَدٰا.
Он ки наботи оризаши об ҳаёт ме хӯрд
آن که نَباتِ عارِضش آبِ حیات میخورَد
Дар шукраш нигаҳ кунад ҳар ки набот ме хӯрд
در شکرش نگه کند هر که نَبات میخورَد
Иттифоқан ба хилофи табъ аз вай ҳаракатӣ бидидам ки нпсндидм . Доман аз ӯ дар кашидам ва муҳра барчедам ва гуфтам :
اتّفاقاً به خلافِ طبعْ از وی حرکتی بدیدم که نپسندیدم؛ دامن از او در کشیدم و مُهره برچیدم و گفتم:
Бирав ҳар чаҳ май боядат пеши гир
برو هر چه میبایدت پیش گیر
Сари мо надории сари хеши гир
سرِ ما نداری، سرِ خویش گیر
Шнидмш ки ҳаме рафт ва мегуфт :
شنیدمش که همیرفت و میگفت:
Шаби пурҳгар васл офтоб нахоҳад
شپّره گر وصلِ آفتاب نخواهد
Равнақи бозор офтоб накоҳад
رونقِ بازارِ آفتاب نکاهد
Ин бигуфт ва сафар карду парешоне ӯ дар ман асар .
این بگفت و سفر کرد و پریشانی او در من اثر.
Фқдти замони алўслу алмрءи ҷоҳил
فَقَدْتُ زَمانَ الْوَصْلِ وَ الْمَرْءُ جاهِلٌ
Бақадр лазизи алъиш қабл алмсоӣб
بِقَدْرِ لَذیذِ الْعَیْشِ قَبْلَ المَصٰائِبِ
Бози ой ва маро бикаш ки пешати мурдан
باز آی و مرا بکش که پیشت مردن
Хуштар ки пас аз ту зиндагонӣ кардан
خوشتر که پس از تو زندگانی کردن
Аммо ба шукру миннати бории пас аз муддатӣ боз омад , он ҳалқи Довӯдии мутағаййир шудау ҷамоли Юсуфӣ ба зиёни омада ва бар себи занхдонаш чун ба гардӣ нишастау равнақи бозори ҳасанаши шикаста , мутаваққиъ ки дар канораши гирам . Канора гирифтам ва гуфтам :
امّا به شُکر و مِنّتِ باری، پس از مدّتی باز آمد، آن حلقِ داوودی متغیّر شده و جمالِ یوسفی به زیان آمده و بر سیبِ زَنَخْدانش چون بِهْ گردی نشسته و رونقِ بازار حُسنش شکسته، متوقّع که در کنارش گیرم، کناره گرفتم و گفتم:
Он рӯз ки хати шоҳидат буд
آن روز که خطِّ شاهدت بود
Соҳиби назар аз назари брондӣ
صاحبنظر از نظر براندی
Имрӯз биёмадӣ ба сулҳаш
امروز بیامدی به صلحش
Каши фатҳау змаҳ бар нишондӣ
کش فتحه و ضمّه بر نشاندی
Тозаи бҳорои варақат зард шуд
تازه بهارا، وَرَقت زرد شد
Дег манеҳ котши мо сард шуд
دیگ منه، کآتشِ ما سرد شد
Чанд хиромӣ ва такаббур кунӣ ?
چند خرامیّ و تکبّر کنی؟
Давлати порина тасаввур кунӣ
دولتِ پارینه تصوّر کنی
Пеш касе рӯ ки талабкор туаст
پیشِ کسی رو که طلبکارِ توست
Ноз бар он кун ки харидор туаст
ناز بر آن کن که خریدارِ توست
Сабза дар боғ гуфтаанд хуш аст
سبزه در باغ، گفتهاند: خوش است
Донад он кас ки ин сухан гуяд
داند آن کس که این سخن گوید
Яъне аз рӯй некӯони хати сабз
یعنی از رویِ نیکوان خط سبز
Дили ушшоқ бештар ҷӯяд
دلِ عشّاق بیشتر جوید
Бӯстони ту гнднозорист
بوستانِ تو گَنْدِنازاریست
Бас ки бар мекунӣ ва май равед
بس که بر میکنیّ و میروید
Гар сабр кунӣ вар накунӣ мӯии биногваш
گر صبر کُنی ور نَکَنی مویِ بناگوش
Ин давлати айёми никуӣ ба сар ояд
این دولتِ ایّامِ نکویی به سر آید
Гар даст ба ҷони доштамии ҳамчуи ту бар риш
گر دست به جان داشتمی همچو تو بر ریش
Нгзоштмӣ то ба қиёмат ки бар ояд
نگذاشتمی تا به قیامت که بر آید
Савол кардам ва гуфтам ҷамол рӯй ту ро
سؤال کردم و گفتم: جمالِ روی تو را
Чаҳ шуд ки мӯрча бар гирди моҳи ҷӯшидаи сет ?
چه شد که مورچه بر گردِ ماه جوشیدهست؟
Ҷавоб дод надонам чаҳ буд рӯем ро
جواب داد: ندانم چه بود رویم را؟
Магар ба мотами ҳасанами сиёҳи пӯшидаи сет
مگر به ماتمِ حُسنم سیاه پوشیدهست