Басои нафаси хирадмандон ки дар банд ҳаво монад
بسا نفس خردمندان که در بند هوا ماند
Дар он сӯрат ки ишқ ояд хирадмандӣ куҷо монад ?
در آن صورت که عشق آید خردمندی کجا ماند؟
Қазоӣ лозимаст онро ки бар хуршеди ишқи орад
قضای لازمست آن را که بر خورشید عشق آرد
Ки ҳамчун зарра дар меҳраши гирифтор ҳаво монад
که همچون ذره در مهرش گرفتار هوا ماند
Таҳаммул чора ишқаст агар тоқати барии вари не
تحمل چارهٔ عشقست اگر طاقت بری ور نی
Ки бори нозанини бурдан ба ҷавр подшо монад
که بار نازنین بردن به جور پادشا ماند
Ҳаводор нкўрўён наяндешад зи бдгўён
هوادار نکورویان نیندیشد ز بدگویان
Биёгар рӯй он дорӣ ки таънат дар қафо монад
بیا گر روی آن داری که طعنت در قفا ماند
Агар қорун фурӯд ояд шабӣ дар хайли мҳрўён
اگر قارون فرود آید شبی در خیل مهرویان
Чунон сайдаш кунанд имшаб ки фардо бенаво монад
چنان صیدش کنند امشب که فردا بینوا ماند
Биор эй боди наврӯзии насими боғи пирӯзӣ
بیار ای باد نوروزی نسیم باغ پیروزی
Ки буии ънбромизш ба буии ёр мо монад
که بوی عنبرآمیزش به بوی یار ما ماند
Ту дар лаҳву тамошоеи куҷо бар ман бибахшое
تو در لهو و تماشایی کجا بر من ببخشایی
Нбхшоиди магари ёрӣ ки аз ёрӣ ҷудо монад
نبخشاید مگر یاری که از یاری جدا ماند
Ҷавобами гӯй ва заҷрам кун ба ҳар талхӣ ки май хоҳӣ
جوابم گوی و زجرم کن به هر تلخی که میخواهی
Ки дашном аз лаби лаълат ба ширинтар дуо монад
که دشنام از لب لعلت به شیرینتر دعا ماند
Дарӣ дигар намедонам ки рӯй аз ту бгрдонм
دری دیگر نمیدانم که روی از تو بگردانم
Махӯр зинҳор бар ҷонам ки дардам бедаво монад
مخور زنهار بر جانم که دردم بیدوا ماند
Мломтгўӣ биҳосл надонад дарди саъдӣ ро
ملامتگوی بیحاصل نداند درد سعدی را
Магар вақте ки дар кӯе ба рӯе мубтало монад
مگر وقتی که در کویی به رویی مبتلا ماند
Агар бар ҳар сар кӯе нишинад чун ту бути рӯе
اگر بر هر سر کویی نشیند چون تو بترویی
Биҷуз қозӣ напиндорам ки нафасӣ порсо монад
بجز قاضی نپندارم که نفسی پارسا ماند
Ҷамоли маҳфилу маҷлиси эмоми шаръи рукни аддӣн
جمال محفل و مجلس امام شرع رکنالدین
Ки дайн аз қӯти райш ба аҳд Мустафо монад
که دین از قوت رایش به عهد مصطفی ماند
Камоли ҳасани тадбираш чунон орост олам ро
کمال حسن تدبیرش چنان آراست عالم را
Ки то даврон буд боқӣ бирав ҳасан сано монад
که تا دوران بود باقی برو حسن ثنا ماند
Ҳамаи олам дуо гӯйанду саъдии камтарини қоил
همه عالم دعا گویند و سعدی کمترین قائل
Дарин давлат ки боқии бод то давр бақо монад
درین دولت که باقی باد تا دور بقا ماند