Барг таҳвил мекунад рамазон

برگ تحویل می‌کند رمضان

Бори тавдиъ бар дили ихвон

بار تودیع بر دل اِخْوان

Ёри нодидаи сайр , зуд бирафт

یارِ نادیده سیر، زود برفت

Дайр нанишаст нозанини меҳмон

دیر ننشست نازنین مهمان

Ғодри алҳби сҳбҳолоҳбоб

غادَرَ الْحِبُّ صُحْبةَ الْأَحباب

Форқи алхли ъушраи алхлон

فارَق‌َ الْخِلُّ عِشْرَةَ الْخُلّان

Моҳи фархунда , рӯй барпечед

ماهِ فرخنده، روی برپیچید

Ва алейк ассалом ё рамазон

و علیک السلامُ یا رمضان

Алўдоъ эй замони тоъату хайр

الوداع ای زمان طاعت و خیر

Маҷлиси зикру маҳфили қуръон

مجلس ذکر و محفل قرآن

Меҳри фармони эзадӣ бар лаб

مُهرِ فرمان ایزدی بر لب

Нафас дар банду дев дар зиндон

نفس در بند و دیو در زندان

То дигар рӯза бо ҷаҳон ояд

تا دگر روزه با جهان آید

Баси бигардад ба гӯнаи гӯнаи ҷаҳон

بس بگردد به گونه گونه جهان

Булбулии зор зор ме нолид

بلبلی زار زار می‌نالید

Бар фироқи баҳори вақти хазон

بر فِراق بهار، وقت خزان

Гуфтам анда мабар ки бозояд

گفتم اندُه مبر که بازآید

Рӯзи наврӯзу лолау райҳон

روز نوروز و لاله و ریحان

Гуфт тарсами бақо вафо накунад

گفت ترسم بقا وفا نکند

Варна ҳар соли гули дамади бустон

ورنه هر سال گل دمد بستان

Рӯз бисёр ва ид хоҳад буд

روز بسیار و عید خواهد بود

Тири моҳу баҳору тобистон

تیر ماه و بهار و تابستان

То ки дар манзили ҳаёт буд

تا که در منزل حیات بود

Соли дигар ки дар ғрибстон

سال دیگر که در غریبستان

Хоки чандон аз одамӣ бихӯрад

خاک چندان از آدمی بخورد

Ки шавад хоку одамии яксон

که شود خاک و آدمی، یکسان

Ҳрдм аз рӯзгори мо ҷзўист

هردم از روزگار ما جزویست

Ки гузар мекунад чу барқ ӣмон

که گذر می‌کند چو برق یمان

Кӯҳ агар ҷузв ҷузв баргиранд

کوه اگر جزو جزو برگیرند

Муталошӣ шавад ба даври замон

متلاشی شود به دور زمان

То қиёмат ки дигари оби ҳаёт

تا قیامت که دیگر آب حیات

Бозгардад ба ҷӯии рафтаи равон

بازگردد به جوی رفته روان

Ёрб он дам ки дами фурӯи бандад

یارب آن دم که دم فرو بندد

Малики аламути воқифи шайтон

ملک الموت واقف شیطان

Кори ҷони пеши аҳл дил саҳласт

کار جان پیش اهل دل سهلست

Ту нигаҳи дори ҷавҳари имон

تو نگه دار جوهر ایمان