Табораки аллоҳ аз он Нақшбанди моءи маин
تبارک الله از آن نقشبند ماء مهین
Ки нақш рӯй ту бастасту чашму зулфу ҷабин
که نقش روی تو بستست و چشم و زلف و جبین
Чунонкӣ дар назарӣ дар сифат наме ое
چنانکه در نظری در صفت نمیآیی
Миннат чаҳ васф бигӯям ту худ дар оинаи байн
منت چه وصف بگویم تو خود در آینه بین
Ма аз фурӯғи ту бар осмон наме тобад
مه از فروغ تو بر آسمان نمیتابد
Чаҳ ҷои моҳ ки хуршеди лоикоди ибин
چه جای ماه که خورشید لایکاد یبین
Худоӣ то гули одами сиришту халқи нигошт
خدای تا گل آدم سرشت و خلق نگاشت
Сулолае чу ту дигар наёфарид аз тин
سلالهای چو تو دیگر نیافرید از طین
На дар қабӣлаи одам ки дар биҳишти худоӣ
نه در قبیلهٔ آدم که در بهشت خدای
Бад-ӣн камол набошад ҷамоли ҳўролъин
بدین کمال نباشد جمال حورالعین
Чунин дарахт наравед зи бӯстони Ирам
چنین درخت نروید ز بوستان ارم
Чунин санам набӯд дар нигорхонаи чин
چنین صنم نبود در نگارخانهٔ چین
Магари дарахти биҳиштӣ буд ки бори орад
مگر درخت بهشتی بود که بار آرد
Шукуфаи гулу бодому лолау насрин
شکوفهٔ گل و بادام و لاله و نسرین
зи бас ки дидаи муштоқ дар ту ҳайронаст
ز بس که دیدهٔ مشتاق در تو حیرانست
Туранҷу даст ба як бор май баради скин
ترنج و دست به یکبار میبرد سکین
Тариқи аҳли назари хомшӣу ҳиронист
طریق اهل نظر خامشی و حیرانیست
Ки дар ниҳоят васфат намерасад таҳсин
که در نهایت وصفت نمیرسد تحسین
Ҳикояти лабати андар даҳон наме гунҷад
حکایت لبت اندر دهان نمیگنجد
Лаб ва даҳон натавон гуфт дар дарҷи смин
لب و دهان نتوان گفت در درج ثمین
Гар ибни мқлаҳи дгрбор бо ҷаҳон ояд
گر ابن مقله دگربار با جهان آید
Чунонкии даъвӣ мӯъҷиз кунад ба саҳари мубин
چنانکه دعوی معجز کند به سحر مبین
Ба оби зар натавонад кашид чун ту алиф
به آب زر نتواند کشید چون تو الف
Ба сим ҳал нанависад мисоли сғри ту син
به سیم حل ننویسد مثال ثغر تو سین
Биёи биё ки ба ҷони омадами зи талхии ҳиҷр
بیا بیا که به جان آمدم ز تلخی هجر
Бигӯӣ аз он лаби ширини ҳикоятии ширин
بگوی از آن لب شیرین حکایتی شیرین
Таранҷибин висолам бидиҳ ки шарбати сабр
ترنجبین وصالم بده که شربت صبر
намекунад хафақони Фодро таскин
نمیکند خفقان فاد را تسکین
Дареғ агар қадре майл аз он тараф будӣ
دریغ اگر قدری میل از آن طرف بودی
Казин тараф ҳама шавқасту изтиробу ҳнин
کزین طرف همه شوقست و اضطراب و حنین
Туро сиррӣаст ки бо мо фурӯ наме ояд
تو را سریست که با ما فرو نمیآید
Марои сиррӣ ки ҳаромаст бе ту бар болин
مرا سری که حرامست بیتو بر بالین
Миёни ҳаззи ману дшмнонт фарқӣ нест
میان حظ من و دشمنانت فرقی نیست
Миннат ба меҳр ҳаме меРому ҳасуд ба кин
منت به مهر همی میرم و حسود به کین
Агар ту бар дили мискини ман нбхшоиӣ
اگر تو بر دل مسکین من نبخشایی
Чаҳ лозимаст ки ҷавру ҷафо барам чандин
چه لازمست که جور و جفا برم چندین
Ба садри соҳиби девони аихони нолам
به صدر صاحب دیوان ایخان نالم
Ки дар аёсаҳ ӯ ҷавр нест бар мискин
که در ایاسهٔ او جور نیست بر مسکین
Хдоигони судӯри замону Каҳфи амон
خدایگان صدور زمان و کهف امان
Паноҳи миллати исломи шамси давлату дайн
پناه ملت اسلام شمس دولت و دین
Ҷамоли машриқу мағриб , салоҳи халқи худоӣ
جمال مشرق و مغرب، صلاح خلق خدای
Мушири мамлакати подшоҳ рӯй замин
مشیر مملکت پادشاه روی زمین
Ки аҳли машриқу мағриб ба шукри неъмат ӯ
که اهل مشرق و مغرب به شکر نعمت او
Чу аҳли Миср ба эҳсон Юсуфанд раҳин
چو اهل مصر به احسان یوسفند رهین
Басӣ намонад ки дар аҳди раъйу рأФт ӯ
بسی نماند که در عهد رأی و رأفت او
Ба як мақом нишинанд съўаҳу шоҳин
به یک مقام نشینند صعوه و شاهین
з гўспнд бидӯзад , риояти назараш
ز گوسپند بدوزد، رعایت نظرش
Даҳони гургу бадаради даҳони шери ърин
دهان گرگ و بدرد دهان شیر عرین
Муайяни хайру мутӣъи худоӣу носеҳи халқ
معین خیر و مطیع خدای و ناصح خلق
Ба рои равшану фикри балиғу рои рузин
به رای روشن و فکر بلیغ و رای رزین
Зиҳӣ ба сояи лутфи ту халқро ором
زهی به سایهٔ لطف تو خلق را آرام
Хҳӣ ба қӯти рои ту маликро ойин
خهی به قوت رای تو ملک را آیین
Гар иқтизои замони давр боз саргирад
گر اقتضای زمان دور باز سرگیرد
Бенот даҳри нзоинди беҳтар аз ту Бенин
بنات دهر نزایند بهتر از تو بنین
Ту он ягонаи даҳрӣ ки дар всодаҳи ҳукм
تو آن یگانهٔ دهری که در وسادهٔ حکم
Ба аз ту такя накардаст ҳеҷ садрнишин
به از تو تکیه نکردست هیچ صدرنشین
Чу файзи чашмаи хуршеди бомдоди пагоҳ
چو فیض چشمهٔ خورشید بامداد پگاه
Ки дар тмўҷ ӯ мнтмс шавад парвин
که در تموج او منطمس شود پروین
Фурӯғи рои ту мисбоҳи роҳҳои махуф
فروغ رای تو مصباح راههای مخوف
Аннани азми ту мифтоҳи маликҳои ҳсин
عنان عزم تو مفتاح ملکهای حصین
Худоӣ , машриқу мағриб ба илхон додаст
خدای، مشرق و مغرب به ایلخان دادست
Ту бар хзоин рӯй замини Ҳафизу амин
تو بر خزاین روی زمین حفیظ و امین
Қазои мувофиқи роят буд ки натавон буд
قضا موافق رایت بود که نتوان بود
Хилофи рои ту рафтани магари залоли мубин
خلاف رای تو رفتن مگر ضلال مبین
Мухолифони туро дасту пои асби мурод
مخالفان تو را دست و پای اسب مراد
Бурӣдаи бод ки бедасту пой ба танин
بریده باد که بیدست و پای به تنین
Тамоми зикри ту ногуфта хатм хоҳам кард
تمام ذکر تو ناگفته ختم خواهم کرد
Ки хавз кардам ва дастам намедиҳад табйин
که خوض کردم و دستم نمیدهد تبیین
Лни мдҳтки сабъин ҳаҷаи дأбо
لئن مدحتک سبعین حجة دأبا
Лмои ақтдрти алии воҳиди ман алсбъин
لما اقتدرت علی واحد من السبعین
Камоли фазли туро ман ба гирд ме нарасм
کمال فضل تو را من به گرد مینرسم
Магар касе кунад асби сухан ба зин ба азин
مگر کسی کند اسب سخن به زین به ازین
Вароӣ қадар манаст илтифоти садри ҷаҳон
ورای قدر منست التفات صدر جهان
Ки зикри банда мухлис кунад алии алтъиин
که ذکر بندهٔ مخلص کند علیالتعیین
Барои маҷлис анаст гулӣ фиристодам
برای مجلس انست گلی فرستادم
Ки рангу буии нгрдондши мурӯри синӣн
که رنگ و بوی نگرداندش مرور سنین
Ту рӯй духтари дилбанди табъ ман бигушоӣ
تو روی دختر دلبند طبع من بگشای
Ки пер буду надодам ба шавҳари анин
که پیر بود و ندادم به شوهر عنین
Ба зинда мекунам аз нанги вслтш дар гӯр
به زنده میکنم از ننگ وصلتش در گور
Ки зишт хуб нагардад ба ҷомаи рангин
که زشت خوب نگردد به جامهٔ رنگین
Агар на бандаи навозӣ аз он тараф будӣ
اگر نه بندهنوازی از آن طرف بودی
Ки Зуҳра дошт ки дебои барад ба қстнтин ?
که زهره داشت که دیبا برد به قسطنطین؟
Ки май барад ба Ироқи ин бизоъати мзҷоаҳ
که میبرد به عراق این بضاعت مزجاة
Чунонкии зера ба Кирмон баранду коса ба чин ?
چنانکه زیره به کرمان برند و کاسه به چین؟
Туро шмомаҳи райҳони ман ки ёд оварад
تو را شمامهٔ ریحان من که یاد آورد
Ки халқ аз он тарафи оранди нофаи мишкӣн ?
که خلق از آن طرف آرند نافهٔ مشکین؟
Чаҳ лоиқи мгсонсти бомдоди баҳор
چه لایق مگسانست بامداد بهار
Ки дар муқобила булбулон кунанд танин ?
که در مقابلهٔ بلبلان کنند طنین؟
Ки нашр карда буд таии ман дар он маҷлис ?
که نشر کرده بود طی من در آن مجلس؟
Ки барда бошад номи срӣ ба алӣин ?
که برده باشد نام ثری به علیین؟
Ба шукри бахти баланд истодаам ки маро
به شکر بخت بلند ایستادهام که مرا
Ба умр хеш накардаст ҳаргизи ин тамкин
به عمر خویش نکردست هرگز این تمکین
Миёни арсаи Широз то ба чанд охир
میان عرصهٔ شیراز تا به چند آخر
Пиёда бошаму дигари пиёдагони фарзин ?
پیاده باشم و دیگر پیادگان فرزین؟
Чу бидбн ки тноўр шавад ба панҷаи сол
چو بیدبن که تناور شود به پنجه سال
Ба пнчи рӯз ба болоаши брдўди иқтин
به پنچ روز به بالاش بردود یقطین
зи рӯзгор ба ранҷам чунонкӣ натавон гуфт
ز روزگار به رنجم چنانکه نتوان گفت
Ба хоки пои худованди рӯзгор , ямин
به خاک پای خداوند روزگار، یمین
Балӣ ба як ҳаракат аз замона хурсандам
بلی به یک حرکت از زمانه خرسندم
Ки рӯзгор ба сар меравад ба шиддату кин
که روزگار به سر میرود به شدت و کین
Давои хастау ҷабри шикаста кас накунад
دوای خسته و جبر شکسته کس نکند
Магар касе ки яқинаш буд ба рӯзи яқин
مگر کسی که یقینش بود به روز یقین
Яқини қалбии ании аноли мнки ғанӣ
یقین قلبی انی انال منک غنی
Влоизоли яқинии ман алҳўони яқин
ولایزال یقینی منالهوان یقین
Сухан баланд кунам то бар осмон гӯйанд
سخن بلند کنم تا بر آسمان گویند
Дуои давлат ӯро Фариштагони омин
دعای دولت او را فرشتگان آمین
Ҳамеша хотами иқбол дар ямини ту бод
همیشه خاتم اقبال در یمین تو باد
Ба Авни эзад ва дар чашми дшмнонти нигин
به عون ایزد و در چشم دشمنانت نگین
Ба рағми душману эъҷоби дӯстони бодо
به رغم دشمن و اعجاب دوستان بادا
Ҳамеша чашмаи ризқати муайяну бахти муайян
همیشه چشمهٔ رزقت معین و بخت معین
Ҳазин нишаста ҳасудони давлатати ҳамаи сол
حزین نشسته حسودان دولتت همه سال
Ту гӯш карда бар овози мутрибони ҳазин
تو گوش کرده بر آواز مطربان حزین
Мабод душманати андари ҷаҳон вагар бошад
مباد دشمنت اندر جهان وگر باشد
Ба зиндагонӣ дар сҷну мурда дар сҷин
به زندگانی در سجن و مرده در سجین
Давони айши ту бодои пас аз ҳалоки аду
دوان عیش تو بادا پس از هلاک عدو
Чунонкии пеши ту даф мезананду хасми дафин
چنانکه پیش تو دف میزنند و خصم دفین
зи дӯстони ту овоз раваду бонги сурӯд
ز دوستان تو آواز رود و بانگ سرود
Бар осмон шудаи вази душманони зФир ва анин
بر آسمان شده وز دشمنان زفیر و انین
Ҳазор соли ҷалолии бақои умри ту бод
هزار سال جلالی بقای عمر تو باد
Шҳўри он ҳамаи ардии биҳишту фарвардин
شهور آن همه اردیبهشت و فروردین