Гар маро дунё набошад хокдонӣ гӯ мабош

گر مرا دنیا نباشد، خاکدانی، گو! مباش!

Бози олии ҳамтем , зоғи ошёнӣ гӯ мабош

بازِ عالی‌همّتم، زاغ‌آشیانی، گو! مباش!

Бузи ним дар охури қисмат , гиёҳии гӯи Марв

بز نی‌ام در آخورِ قسمت، گیاهی، گو! مرو!

Саги ним бар хўончаҳи ризқи устихонӣ гӯ мабош

سگ نی‌ام بر خوانچهٔ رزق، استخوانی، گو! مباش!

Гар ҳама комам барояд ним нонеи хӯрдаи гир

گر همه کامم برآید، نیم‌نانی، خورده گیر!

Вари ҷаҳон бар ман сроиди ним ҷонӣ гӯ мабош

ور جهان بر من سرآید، نیم‌جانی، گو! مباش!

Ман саги асҳоби Каҳфам бар дар мардони муқӣм

من، سگِ اَصحابِ کهفم، بر در مَردان، مُقیم

Гирд ҳар дар менигарадам устихонӣ гӯ мабош

گِردِ هر در می‌نگردم، استخوانی، گو! مباش!

Чун тамаъи иксўи ниҳодами поймардии гӯи мхиз

چون طمع، یک‌سو نهادم؛ پایمردی، گو! مخیز!

Чун забон андар кашидам тарҷумонӣ гӯ мабош

چون زبان اندر کشیدم، ترجمانی، گو! مباش!

Ваа ки оташ дар ҷаҳон зад ишқи шӯрангези ман

وه! که آتش در جهان زد عشقِ شورانگیزِ من

Чун ман андари оташи афтодами ҷаҳонӣ гӯ мабош

چون من اندر آتش افتادم، جهانی، گو! مباش!

Дар маънии мунтазам дар ресмон сӯрат аст

دُرِّ معنی، منتظم در ریسمانِ صورت است

Не чу сӯзани танги чашмами ресмонӣ гӯ мабош

نی چو سوزن تنگ‌چشمم، ریسمانی، گو! مباش!

Дар бен девори дарвешӣ чу хобат май барад

در بُنِ دیوارِ درویشی چو خوابت می‌بَرَد

Сари буна бар боми давлати нардбонӣ гӯ мабош

سَر بِنِه بر بامِ دولت! نردبانی، گو! مباش!

Гар ба дӯзах дар бимонами хоксорӣ гӯ бисӯз

گر به دوزخ در بمانم، خاکساری، گو! بسوز!

Вари биҳишт андар наёбам бӯстонӣ гӯ мабош

ور بهشت اندر نیابم، بوستانی، گو! مباش!

Ман чем дар боғи райҳон , хушки баррагӣ , гӯ бирез

من چی‌ام در باغِ ریحان، خشک‌برگی، گو! بریز!

Ман кӣм дар боғи султон , посбонӣ , гӯ мабош

من کی‌ام در باغِ سلطان، پاسبانی، گو! مباش!

Саъдёи даргоҳи иззатро чаҳ май бояд суҷуд

«سعدیا»! درگاهِ عزّت را چه می‌باید سُجود؟

Гирди хоки олӯдае бар остонӣ гӯ мабош

گَردِ خاک‌آلوده‌ای بر آستانی، گو! مباش!

Хониш
ғзл 36 — ҳмӣдрзо мҳмдӣ
ғзл шморҳ 36 — фотмҳ зндӣ
ғзл шморҳ 36 — ъндлӣб