Ёрӣ онаст ки заҳр аз қаблаш нӯш кунӣ

یاری آن است که زهر از قبلش نوش کنی

На чу ранҷӣ расадат ёр фаромӯш кунӣ

نه چو رنجی رسدت یار فراموش کنی

Ҳован аз ёр ҷафо бинад ва таслим шавад

هاون از یار جفا بیند و تسلیم شود

Ту чаҳ ёрӣ ки чу дег аз ғами дил ҷӯш кунӣ

تو چه یاری که چو دیگ از غم دل جوش کنی

Илм аз дӯши бунаи вар асалӣ фармоед

علم از دوش بنه ور عسلی فرماید

Шарти озодагӣ онаст ки бар дӯш кунӣ

شرط آزادگی آن است که بر دوش کنی

Роҳи доно дигару мазҳаби ошиқ дигар аст

راه دانا دگر و مذهب عاشق دگر است

эй хирадманд ки айби ман мадҳуш кунӣ

ای خردمند که عیب من مدهوش کنی

Шоҳиди он вақт бияёд ки ту ҳозири гардӣ

شاهد آن وقت بیاید که تو حاضر گردی

Мутриби он гоҳ бигӯед ки ту хомӯш кунӣ

مطرب آن گاه بگوید که تو خاموش کنی

Сари тшниъи надории талаб ёр макун

سر تشنیع نداری طلب یار مکن

Магасат неш занад чун талаб нӯш кунӣ

مگست نیش زند چون طلب نوش کنی

Пой дар силсила бояд ки ҳамон лиззати ишқ

پای در سلسله باید که همان لذت عشق

Дар ту бошад кигараш даст дар оғӯш кунӣ

در تو باشد که گرش دست در آغوش کنی

Мард бояд ки назар бар малах ва мӯр кунад

مرد باید که نظر بر ملخ و مور کند

Он таъаммул ки ту дар зулф ва биногваш кунӣ

آن تأمل که تو در زلف و بناگوش کنی

То чаҳ шаклии ту дар ойӣнаи ҳамон хоҳӣ дид

تا چه شکلی تو در آیینه همان خواهی دید

Шоҳид ойӣна туаст ар назар ҳуш кунӣ

شاهد آیینهٔ توست ار نظر هوش کنی

Сухани маърифат аз ҳалқа даравишон пресс

سخن معرفت از حلقهٔ درویشان پرس

Саъдё шояд аз ин ҳалқа ки дар гӯш кунӣ

سعدیا شاید از این حلقه که در گوش کنی

Хониш
ғзл шморҳ 64 — фотмҳ зндӣ
ғзл шморҳ 64 — ҳмӣдрзо мҳмдӣ
ғзл шморҳ 64 — ъндлӣб