Туе ки меҳри ту дар меҳргони баҳор ман аст
تویی که مهر تو در مهرگان بهار من است
Ки чеҳраи ту гулистону лолаи зор ман аст
که چهره تو گلستان و لاله زار من است
Марои з кам шудани сабзаи бас асар накунад
مرا ز کم شدن سبزه بس اثر نکند
Чу хати сабзи ту аз сабзаи ёдгор ман аст
چو خط سبز تو از سبزه یادگار من است
Баҳору сарву гулу сӯсан эй баҳор батон
بهار و سرو و گل و سوسن ای بهار بتان
Чу дар канори манӣ ҷумла дар канор ман аст
چو در کنار منی جمله در کنار من است
Миёни ҷони ман ва ғам намонад ҳеҷ сабаб
میان جان من و غم نماند هیچ سبب
Бидон сабаб ки ҷамоли ту ғмгсор ман аст
بدان سبب که جمال تو غمگسار من است
Серуми зи бодаи ишқи ту пари хумор шудаи сет
سرم ز باده عشق تو پر خمار شده ست
Се бӯса аз ду лабати доруии хумор ман аст
سه بوسه از دو لبت داروی خمار من است
Шикор дӯст набудам шикор дӯст шудам
شکار دوست نبودم شکار دوست شدم
зи ишқи он ду шукр каз лабати шикор ман аст
ز عشق آن دو شکر کز لبت شکار من است
зи чархи кори марои равнақӣ падед омад
ز چرخ کار مرا رونقی پدید آمد
Ки бо висолу ҷамоли ту коркор ман аст
که با وصال و جمال تو کارکار من است
зи ғори ҳиҷри ту корам ба боғ васл расед
ز غار هجر تو کارم به باغ وصل رسید
Расидаи гир на ҳиҷри ту ёри ғор ман аст
رسیده گیر نه هجر تو یار غار من است
Қарори ман ҳама бо зулф бе қарори ту бод
قرار من همه با زلف بی قرار تو باد
Ки тобу ҳалқа ӯ манзили қарор ман аст
که تاب و حلقه او منزل قرار من است
Агар чаҳ рӯз нависанд мардумони таърих
اگر چه روز نویسند مردمان تاریخ
Шаби висоли ту таърихи рӯзгор ман аст
شب وصال تو تاریخ روزگار من است
Чу дили нисор ту кардам нисор бӯса биор
چو دل نثار تو کردم نثار بوسه بیار
Ки як нисори ту беҳтари зи сад нисор ман аст
که یک نثار تو بهتر ز صد نثار من است
Тароватӣ ки ғазалҳои обдор марост
طراوتی که غزلهای آبدار مراست
з ишқ туаст ки аз олами ихтиёр ман аст
ز عشق توست که از عالم اختیار من است
Агар вилояти хоразмро зи заҳмати об
اگر ولایت خوارزم را ز زحمت آب
Зиён расед зи Ҷайҳун ки дар ҷавор ман аст
زیان رسید ز جیحون که در جوار من است
Сабаби манам зи пас он ки оби Ҷайҳун ро
سبب منم ز پس آن که آب جیحون را
Ҳамаи мадади зи ғазалҳои обдор ман аст
همه مدد ز غزلهای آبدار من است
Дилами зи ишқи ту охир ба ҳақ хеш расед
دلم ز عشق تو آخر به حق خویش رسید
Ки рӯзгор ба васли ту ҳақи гузор ман аст
که روزگار به وصل تو حق گزار من است
Ба ҳар чаҳ рой кунам ёбам аз фалаки ёрӣ
به هر چه رای کنم یابم از فلک یاری
Аз он ки давлати Хоразмшоҳи ёр ман аст
از آن که دولت خوارزمشاه یار من است
Ълоءи давлату дайни атсзи онкӣ дайн гуяд
علاء دولت و دین اتسز آنکه دین گوید
Сиёсаташи сабаби ҳифз ва зинҳор ман аст
سیاستش سبب حفظ و زینهار من است
Нидо кунад ба фалак ҳар замони шуҷоат ӯ
ندا کند به فلک هر زمان شجاعت او
Ки аҷзи шери ту аз гурзи говсор ман аст
که عجز شیر تو از گرز گاو سار من است
Марост қӯти пел ва марост ҳайбати шер
مراست قوت پیل و مراست هیبت شیر
Масофу маъракаи маъвоу марғзор ман аст
مصاف و معرکه ماوا و مرغزار من است
Манам ки аз сари шамшеру нӯки найзаи ман
منم که از سر شمشیر و نوک نیزه من
Аҷал хаҷал шавад онҷо ки корзор ман аст
اجل خجل شود آنجا که کارزار من است
Манам ки дар сари шерону саракашони ҷаҳон
منم که در سر شیران و سرکشان جهان
Хумору хирагӣ аз бими банду дор ман аст
خمار و خیرگی از بیم بند و دار من است
Аз он қабл ки марои зӯр ҳайдарӣ доданд
از آن قبل که مرا زور حیدری دادند
Кашони зи хайбари нусрат ба зулфиқор ман аст
کشان ز خیبر نصرت به ذوالفقار من است
Равони рустам агар ҳеҷ разм ман ҷӯяд
روان رستم اگر هیچ رزم من جوید
зи разм ҷустан ман фахр ӯу ор ман аст
ز رزم جستن من فخر او و عار من است
зи рӯзи маъракагар нусрат интизор кунанд
ز روز معرکه گر نصرت انتظار کنند
Ба рӯзи маъракаи нусрат дар интизор ман аст
به روز معرکه نصرت در انتظار من است
Ҳисори дайнаму дайни худои ъзўҷл
حصار دینم و دین خدای عزوجل
Мусалламаст зи офат ки дар ҳисор ман аст
مسلم است ز آفت که در حصار من است
Ҳар он зафар ки муайян кунад ситораи шимур
هر آن ظفر که معین کند ستاره شمر
Чу ман ба ҷанг бурун оем аз шумор ман аст
چو من به جنگ برون آیم از شمار من است
зи теғи шоҳ паёмӣ расед сӯии зафар
ز تیغ شاه پیامی رسید سوی ظفر
Ки фару зеби ту аз рӯйпурнигор ман аст
که فر و زیب تو از روی پرنگار من است
Ҷамол рӯй замин дар шоҳвор омад
جمال روی زمین در شاهوار آمد
Ҷамоли малик дар он дар шоҳвор ман аст
جمال ملک در آن در شاهوار من است
Ба нури монам ва аз нор буд таркибам
به نور مانم و از نار بود ترکیبم
Ду чашми шаръи мунаввар ба нуру нор ман аст
دو چشم شرع منور به نور و نار من است
Ба ранги обаму лаби ташна аз ҳарорати ҳарб
به رنگ آبم و لب تشنه از حرارت حرب
зи хӯни душмани дайни оби хушгувор ман аст
ز خون دشمن دین آب خوشگوار من است
Агар з оташ сӯзанда ранҷ дид танам
اگر ز آتش سوزنده رنج دید تنم
Раво буд ки дили куфри пари шарор ман аст
روا بود که دل کفر پر شرار من است
Раҳи мтобът ман гузину ибрати гир
ره متابعت من گزین و عبرت گیر
Ки ҳар куҷо рӯй осори эътибор ман аст
که هر کجا روی آثار اعتبار من است
Набшати калаки малики номае ба сӯии хирад
نبشت کلک ملک نامه ای به سوی خرد
Ки қӯти ту аз ин қолаб назор ман аст
که قوت تو از این قالب نزار من است
Ҳидояти ту дар иҷмоъу иттифоқ ман аст
هدایت تو در اجماع و اتفاق من است
Кифояти ту дар ишбоъу ихтисор ман аст
کفایت تو در اشباع و اختصار من است
Худои ҷли ҷалола ба ман қисм фармуд
خدای جل جلاله به من قسم فرمود
Вази он қисми ҳамаи ақсоми аФтхоз ман аст
وز آن قسم همه اقسام افتخاز من است
зи баҳри хостаи бахшӣдану ътододн
ز بهر خواسته بخشیدن و عطادادن
Ҳамеша дасти худованди ихтисор ман аст
همیشه دست خداوند اختصار من است
Маҳали зар ба айёр андарасту зар ба сухан
محل زر به عیار اندرست و زر به سخن
Маҳал гирифт ки дар зимн ӯ айёр ман аст
محل گرفت که در ضمن او عیار من است
Паём рафт ба бод аз забони мураккаби шоҳ
پیام رفت به باد از زبان مرکب شاه
Ки вазни хок кам аз бахшишаши савор ман аст
که وزن خاک کم از بخششش سوار من است
Ба рӯзи разми зи ман равшанаст чашми зафар
به روز رزم ز من روشن است چشم ظفر
Вгрчаҳ рӯй ҳавои тира аз ғубор ман аст
وگرچه روی هوا تیره از غبار من است
Агар зи маркази хокӣ ба так бурун нашавам
اگر ز مرکز خاکی به تک برون نشوم
з аҷз нест ки аз ҳалами бурдбор ман аст
ز عجز نیست که از حلم بردبار من است
Ҳзоргўнаҳи ҳунар дар ниҳон фузун дорам
هزارگونه هنر در نهان فزون دارم
Бурун аз онкии ҳунарҳои ошкор ман аст
برون از آنکه هنرهای آشکار من است
Мусаввираст марои пеши дида ҳар фикрат
مصور است مرا پیش دیده هر فکرت
Ки дар замири савори бузургвор ман аст
که در ضمیر سوار بزرگوار من است
Ба наъли рӯзи вғо рӯй саракашони сипарам
به نعل روز وغا روی سرکشان سپرم
Чунонкии коми дили шоҳи комгор ман аст
چنانکه کام دل شاه کامگار من است
Расӯл кард сӯии зоирони сахои малик
رسول کرد سوی زایران سخای ملک
Ки гардани тамаъ аз шукри зерибор ман аст
که گردن طمع از شکر زیربار من است
Вакили ризқам аз эзад ба сӯии одамиён
وکیل رزقم از ایزد به سوی آدمیان
Бипурсу бррс аз он кас ки дар диёр ман аст
بپرس و بررس از آن کس که در دیار من است
Гар абру баҳри сифоти сахо ҳаме доранд
گر ابر و بحر صفات سخا همی دارند
Сахоӣ ҳар ду яке нукта аз ҳазор ман аст
سخای هر دو یکی نکته از هزار من است
Марост бар ва каромат марост лутфу лутф
مراست بر و کرامت مراست لطف و لطف
Ки сад ҳазор санои зери ин чаҳор ман аст
که صد هزار ثنا زیر این چهار من است
Фалак чаҳ гуфт чу аз ъзи шаҳ сухан гуфтанд
فلک چه گفت چو از عز شه سخن گفتند
Ки умр ӯ ба муродаст то мадор ман аст
که عمر او به مرادست تا مدار من است
Бақои давлат ӯ устувор хоҳад буд
بقای دولت او استوار خواهد بود
Чунонкии бенят таркиби устувор ман аст
چنانکه بنیت ترکیب استوار من است