Зулфи ту аз машку машки пари гиреҳу банд
زلف تو از مشک و مشک پر گره و بند
Лаби зи ақиқу ақиқи пари шукру қанд
لب ز عقیق و عقیق پر شکر و قند
Фитнаи қанди ту некӯони хуросон
فتنه قند تو نیکوان خراسان
Бастаи банди ту ҷовдони дамованд
بسته بند تو جاودان دماوند
Ҳасани ту рӯй туро ба нури бпрўрд
حسن تو روی تو را به نور بپرورد
Ишқи ту ҷони маро ба нори бёкнд
عشق تو جان مرا به نار بیاکند
Панди диҳӣ каз балои ишқ ҳазар кун
پند دهی کز بلای عشق حذر کن
Мардуми дилдодаро чаҳ суд кунад панд
مردم دلداده را چه سود کند پند
Сабри марои фурқати ту даст фурӯбаст
صبر مرا فرقت تو دست فروبست
Ақли марои ишқи ту зи пои дроФкнд
عقل مرا عشق تو ز پای درافکند
Бар тани маҳҷӯри ман балои ту то кӣ
بر تن مهجور من بلای تو تا کی
Бар дили ранҷури ман ҷафои ту то чанд
بر دل رنجور من جفای تو تا چند
Зулфи ту дар тираи ?гий чу рӯз ман омад
زلف تو در تیره گی چو روز من آمد
Рӯй ту дар равшанӣ чу рои худованд
روی تو در روشنی چو رای خداوند
Садри аҷали маҷди дайни раиси хуросон
صدر اجل مجد دین رئیس خراسان
Онкӣ надорад ба дайн ва дод ҳамонанд
آنکه ندارد به دین و داد همانند
Сайиди машриқи алӣ ки ҳиммати ъолиш
سید مشرق علی که همت عالیش
Адли умр дар замин шарқ пароканд
عدل عمر در زمین شرق پراکند
Шокир анъом ӯст нафаси сухангӯӣ
شاکر انعام اوست نفس سخنگوی
Доъӣ айём ӯст ҷони хирадманд
داعی ایام اوست جان خردمند
эй писари он набӣ ки буд мар ӯ ро
ای پسر آن نبی که بود مر او را
Соҳиби длдли васӣу Фотимаи фарзанд
صاحب دلدل وصی و فاطمه فرزند
Дасти мувофиқи зи иҳтимоми ту мутлақ
دست موافق ز اهتمام تو مطلق
Пои мухолифи зи интиқоми ту дар банд
پای مخالف ز انتقام تو در بند
Зери ду лафз гузин ту ду ҳазоранд
زیر دو لفظ گزین تو دو هزارند
Зон ду вазири гузидаи озр ва меманд ?
زان دو وزیر گزیده آزر و میمند؟
Озкаҳи гетии ниҳоди лафзи ту бардошт
آزکه گیتی نهاد لفظ تو برداشت
Зулм ки гардуни нишонди адл ту барканд
ظلم که گردون نشاند عدل تو برکند
Нест ҷаҳонро зи ҷӯади дасти ту чора
نیست جهان را ز جود دست تو چاره
Ҳаст фалакро ба хоки пои ту савганд
هست فلک را به خاک پای تو سوگند
Лафз нагардад магари зи васфи ту софӣ
لفظ نگردد مگر ز وصف تو صافی
Табъ набошад магар ба мадҳ ту хурсанд
طبع نباشد مگر به مدح تو خرسند
Бастаи кушояди анояти ту ба Тирмиз
بسته گشاید عنایت تو به ترمذ
Фитнаи нишонди хитоби ту ба Самарқанд
فتنه نشاند خطاب تو به سمرقند
Базлае аз лафз туаст ҳикмати Юнон
بذله ای از لفظ توست حکمت یونان
Нуктае аз нутқ туаст номаи познд
نکته ای از نطق توست نامه پازند
Чархи ҳаме бар писанди рой ту гардад
چرخ همی بر پسند رای تو گردد
Ончии ту хоҳии писанд ва ҳар чаҳ на мапаснд
آنچه تو خواهی پسند و هر چه نه مپسند
То мижаи ошиқон чу абри бгрид
تا مژه عاشقان چو ابر بگرید
Ту зи нишоту тараб чу барқ ҳаме ханд
تو ز نشاط و طرب چو برق همی خند
Гуҳи адади мкрмт ба фазл беафзой
گه عدد مکرمت به فضل بیفزای
Гуҳи адади Муҳамадат ба умр бипайванд
گه عدد محمدت به عمر بپیوند