Чу бар ҷон ман шуд ҳавои ту ғолиб

چو بر جان من شد هوای تو غالب

Ҷамоли туро ҷони ман гашти толиб

جمال تو را جان من گشت طالب

Агар чаҳ надорам зи васли ту ҳосил

اگر چه ندارم ز وصل تو حاصل

Ҳамеи бод бар ман ҳавои ту ғолиб

همی باد بر من هوای تو غالب

Дилӣ дорам роғиби дил рубудан

دلی دارم راغب دل ربودن

Ба ишқи ту ҳозири зи ғайри ту ғоиб

به عشق تو حاضر ز غیر تو غایب

Ба қасди ту қонеъ ба захми ту роФқ

به قصد تو قانع به زخم تو رافق

Ба ҷаври ту моил ба зулми ту роғиб

به جور تو مایل به ظلم تو راغب

Чунинаст дар ошиқии мазҳаби ман

چنین است در عاشقی مذهب من

Ки яксон буд ошиқонро мазоҳиб

که یکسان بود عاشقان را مذاهب

Рухии дорӣ эй қибла рӯй хубон

رخی داری ای قبله روی خوبان

зи хӯбии баровардаи сад раҳи аҷоиб

ز خوبی برآورده صد ره عجایب

Ба рухи подшоҳи ҷамолӣу онк

به رخ پادشاه جمالی و آنک

Ду зулфи сияҳи пӯши ту чун ду ҳоҷиб

دو زلف سیه پوش تو چون دو حاجب

Туро ҷони вилояти туро дили раият

تو را جان ولایت تو را دل رعیت

Туро ҳасани минбари туро ишқи хотб

تو را حسن منبر تو را عشق خاطب

Нигар каз ман умеди тавбаи надорӣ

نگر کز من امید توبه نداری

Ки бошад бар ин рӯй тобандаи тоиб ?

که باشد بر این روی تابنده تایب؟

Лабати бӯсаегар ба ҷонӣ фурӯ шуд

لبت بوسه ای گر به جانی فرو شد

Бихарам ки байъӣ буд баси мқорб

بخرم که بیعی بود بس مقارب

Мъқрби ду зулфат ба гирди гулу ма

معقرب دو زلفت به گرد گل و مه

Раҳ дида барбастаанд аз ҷавониб

ره دیده بربسته اند از جوانب

Ду зулф аз ду рухи як замон давртар кун

دو زلف از دو رخ یک زمان دورتر کن

Чаҳ донанд қадари гулу маи ъқорб

چه دانند قدر گل و مه عقارب

Ҳисоби ҷамоли туро дрнёбд

حساب جمال تو را درنیابد

Вагар чарх грднндаҳ гардад муҳосиб

وگر چرخ گردننده گردد محاسب

Малоҳати ҳаме аз ҷамол ту нозад

ملاحت همی از جمال تو نازد

Маноқиби зи садри ҷаҳони зўолмноқб

مناقب ز صدر جهان ذوالمناقب

Аҷали Сайиди шарқу ғарби онкӣ мислаш

اجل سید شرق و غرب آنکه مثلش

На андари мшорқ на андари мғорб

نه اندر مشارق نه اندر مغارب

Раиси хуросони алии бен ҷаъфар

رئیس خراسان علی بن جعفر

Ҷалоли маҳофили ҷамоли мавокиб

جلال محافل جمال مواکب

Карими алсҷоёи ҳамиди алмсоъӣ

کریم السجایا حمید المساعی

Ҷамили алмҳёи ҷазили алмўоҳб

جمیل المحیا جزیل المواهب

Ҷалолати гирифтаи бадви вақти нисбат

جلالت گرفته بدو وقت نسبت

Маъаади бен аданони луии бен ғолиб

معد بن عدنان لوی بن غالب

Ба ртбти фузунтар зи содоти олам

به رتبت فزونتر ز سادات عالم

Вагар чанд содот бо ӯ муносиб

و گر چند سادات با او مناسب

Балӣ ҳар дуро субҳ хонанд валикин

بلی هر دو را صبح خوانند ولیکن

На чун субҳи содиқ буд субҳи козиб

نه چون صبح صادق بود صبح کاذب

Ҳаме дорадаш фари султону яздон

همی داردش فر سلطان و یزدان

Муъоф аз ҳаводиси масӯн аз нўоиб

معاف از حوادث مصون از نوایب

Биафзояд аз хизмат ӯ бузургӣ

بیفزاید از خدمت او بزرگی

Чу илм аз тааллум чу ақл аз таҷориб

چو علم از تعلم چو عقل از تجارب

Буд бе русумаши музаввари мадоеҳ

بود بی رسومش مزور مدایح

Буд бе қабулаши фазойили маъоӣиб

بود بی قبولش فضایل معایب

Шудаи хизматашро хилоиқи мувофиқ

شده خدمتش را خلایق موافق

Шудаи ҳимматашро кавокиби мрокб

شده همتش را کواکب مراکب

Чу мадҳаш нахонӣ фасоҳати Фзиҳт

چو مدحش نخوانی فصاحت فضیحت

Чу номаш нагӯйӣ маноқиби мсолб

چو نامش نگویی مناقب مثالب

Зиҳии гӯии бардаи зобнои гетӣ

زهی گوی برده زابنای گیتی

Ба касби мҳомд ба базли рғоиб

به کسب محامد به بذل رغایب

зи дасти ту дарёӣ бахшанда оҷиз

ز دست تو دریای بخشنده عاجز

зи рои ту хуршеди тобандаи хоиб

ز رای تو خورشید تابنده خایب

Амлро зи базли ту ташрифу халъат

امل را ز بذل تو تشریف و خلعت

Тамаъро зҷўди ту аҷрӣу ротб

طمع را زجود تو اجری و راتب

Ҳиммати ҳзми софии ҳиммати азми собит

همت حزم صافی همت عزم ثابت

Ҳиммати расми некӯи ҳиммати рои соиб

همت رسم نیکو همت رای صایب

На монанди қудрат сипеҳрӣаст олӣ

نه مانند قدرت سپهری است عالی

На ҳамтои роят шаҳобӣаст соқиб

نه همتای رایت شهابی است ثاقب

Ба даст азимат бабандӣ маъодӣ

به دست عزیمت ببندی معادی

Ба чашм басират бибинӣ авоқиб

به چشم بصیرت ببینی عواقب

Калом ту дорад сунуфи бадоеъ

کلام تو دارد صنوف بدایع

зи калаки ту боради фунуни ғароиб

ز کلک تو بارد فنون غرایب

зи абри кафати қатрае сад чу ҳотам

ز ابر کفت قطره ای صد چو حاتم

зи баҳри дилати ҷуръае сад чу соҳиб

ز بحر دلت جرعه ای صد چو صاحب

Равонро ҳавоӣ ту ҳаст аз фароиз

روان را هوای تو هست از فرایض

Забонро саноӣ ту ҳаст аз мавоҷиб

زبان را ثنای تو هست از مواجب

Кунад ақлро шавқи мадҳи ту оҷиз

کند عقل را شوق مدح تو عاجز

Кунад рӯҳро ишқи хати ту котиб

کند روح را عشق خط تو کاتب

Сахоро зи даст ту ояд мақосид

سخا را ز دست تو آید مقاصد

Суханро зи мадҳ ту ояд маротиб

سخن را ز مدح تو آید مراتب

зи ахлоқи ту дар макорими қавоид

ز اخلاق تو در مکارم قواعد

зи алфози ту бар мъолии қўолб

ز الفاظ تو بر معالی قوالب

зи анфоси ту нафас дар роҳат уфтад

ز انفاس تو نفس در راحت افتد

Ҳаме роҳат ояд зи қурби ақорб

همی راحت آید ز قرب اقارب

Адуи туро беш байнами мазаллат

عدو تو را بیش بینم مذلت

Аз он бут ки болати алайҳи алсъолб

از آن بت که بالت علیه الثعالب

Аёдятро кас надонад шумурдан

ایادیت را کس نداند شمردن

Ки донад шумурдани сиришки сҳоиб

که داند شمردن سرشک سحایب

Ба воҷиб ки донад туро мадҳи гуфтан

به واجب که داند تو را مدح گفتن

Хирадро ки донад сутудан ба воҷиб

خرد را که داند ستودن به واجب

Ҳаме то бимонад ба олами аносир

همی تا بماند به عالم عناصر

Ҳаме то битобад зи гардуни кавокиб

همی تا بتابد ز گردون کواکب

Ҳаме то тароват буд ҷону дил ро

همی تا طراوت بود جان و دل را

зи дидори аҳбобу фасли аҷониб

ز دیدار احباب و فصل اجانب

Бизӣ хурраму хонаи душмани ту

بزی خرم و خانه دشمن تو

Маҳали ҳаводиси макони мсоиб

محل حوادث مکان مصایب

Бар ин қофят буд назми Низомӣ

بر این قافیت بود نظم نظامی

( ба гирди рахти знгённди лоъб )

(به گرد رخت زنگیانند لاعب)