Туро хиромаш Кебекасту кашии товус

تو را خرامش کبک است و کشی طاووس

Мисли зананд зи ҳасанати ҳаме ба рӯм ва ба рӯс

مثل زنند ز حسنت همی به روم و به روس

эй фохтаи Меҳрӣ , тзрўи тӯтии лафз

همای فاخته مهری، تذرو طوطی لفظ

Гирифтаи даврии симурғу зинати товус

گرفته دوری سیمرغ و زینت طاووس

зи чеҳраи ту фузун гашта боғро дидор

ز چهره تو فزون گشته باغ را دیدار

зи ғамзаи ту фузун гашта фитнаро номӯс

ز غمزه تو فزون گشته فتنه را ناموس

Сифоти ту з бадеъӣ намешавад мумкин

صفات تو ز بدیعی نمی شود ممکن

Ҷамоли ту з латифӣ намешавад маҳсус

جمال تو ز لطیفی نمی شود محسوس

Бикун ба меҳру вафои дарди ишқро дармон

بکن به مهر و وفا درد عشق را درمان

Макун зи ҷавру ҷафои аҳди васлро мдрўс

مکن ز جور و جفا عهد وصل را مدروس

Марои зи оташи дили оби дида ҷосус аст

مرا ز آتش دل آب دیده جاسوس است

зи оби дида ки дидааст дар ҷаҳони ҷосус

ز آب دیده که دیده است در جهان جاسوس

Ҳамон расед ба ани ман аз вилояти ишқ

همان رسید به ان من از ولایت عشق

Ки аз вилояти Мозандарон ба кикоўс

که از ولایت مازندران به کیکاوس

Макун итобу ҳадис вафо магӯӣ ки ҳаст

مکن عتاب و حدیث وفا مگوی که هست

Ҳадиси ту мутаноқиз , итоби ту маъкӯс

حدیث تو متناقض، عتاب تو معکوس

Чаҳ узри гӯйӣ агар ман гуҳи ривояти шеър

چه عذر گویی اگر من گه روایت شعر

Шикояти ту расонам ба маҷлиси Қобӯс

شکایت تو رسانم به مجلس قابوس

Насири дайни Муҳамад , Муҳамади бен ҳасан

نصیر دین محمد، محمد بن حسن

Ки ҳаст манзили маликаши зблх то дар Тӯс

که هست منزل ملکش زبلخ تا در طوس

Бузурги бори худоӣ ки муттафиқ шуда анд

بزرگ بار خدایی که متفق شده اند

Ба дӯстяши қулӯб ва ба кеҳтаряши нуфус

به دوستیش قلوب و به کهتریش نفوس

На ҳеҷ соил гашта зи лутф ӯ маҳрӯм

نه هیچ سایل گشته ز لطف او محروم

На ҳеҷ зоир гашта зи базл ӯ маъюс

نه هیچ زایر گشته ز بذل او مایوس

Чу муштарӣ ба дили дӯстон буд маҳбӯб

چو مشتری به دل دوستان بود محبوب

Чу осмони зи бади душманон буд мҳрўс

چو آسمان ز بد دشمنان بود محروس

Сахоӣ ӯст ки чун пой дар рикоби орад

سخای اوست که چون پای در رکاب آرد

Ниёзро зи замона бурун кунад маъюс

نیاز را ز زمانه برون کند مایوس

Русум фазл нагардад ба аҳд ӯ матрӯк

رسوم فضل نگردد به عهد او متروک

Тариқ ҷӯад намонад ба вақт ӯ мтмўс

طریق جود نماند به وقت او مطموس

Гуҳи сахои нъмшро саховати ҳотам

گه سخا نعمش را سخاوت حاتم

Гуҳи сухани қаламашро фасоҳати Қобӯс

گه سخن قلمش را فصاحت قابوس

Карими бори худоёи манам ки то бошам

کریم بار خدایا منم که تا باشم

Ба неъмати ту буд мари марои ямини ғмўс

به نعمت تو بود مر مرا یمین غموس

Туе ки икосри табъи поки ту карам аст

تویی که یکاثر طبع پاک تو کرم است

Чунонкии як сифат аз зоти поки ҳақи қуддус

چنانکه یک صفت از ذات پاک حق قدوس

Туе ба фазл ва ба қӯти табиби озу ниёз

تویی به فضل و به قوت طبیب آز و نیاز

Чунин табиб ба аз сад ҳазор ҷолинус

چنین طبیب به از صد هزار جالینوس

Ба мадҳати ту тақарруб намӯда нафаси алўФ

به مدحت تو تقرب نموده نفس الوف

зи хизмати ту риёзат кашида даҳри шмўс

ز خدمت تو ریاضت کشیده دهر شموس

Ҳамеи зи ҷӯади ту созанди шоирони мтъўм

همی ز جود تو سازند شاعران مطعوم

Ҳамеи зи лутф ту ёбанд зоирони млбўс

همی ز لطف تو یابند زایران ملبوس

Чу иҳтимоми ту ҳол маро диҳад тартиб

چو اهتمام تو حال مرا دهد ترتیب

Расм ба давлату неъмати раҳами зи меҳнату бӯс

رسم به دولت و نعمت رهم ز محنت و بوس

Маро ба маҷлиси айш ва тараб набошад роҳ

مرا به مجلس عیش و طرب نباشد راه

Ҷуз онгаҳе ки ббошд ба маҷлиси ту ҷулус

جز آنگهی که بباشد به مجلس تو جلوس

Яке ба фарҳамем расон аз онкии манам

یکی به فر همایم رسان از آنکه منم

Дар ин диёр чу товуси пои монда ба дўс

در این دیار چو طاووس پای مانده به دوس

зи нури ақлу зиёи замири равшани ту

ز نور عقل و ضیاء ضمیر روشن تو

Сипеҳри фазлу карами пари бадӯри гашту шмўс

سپهر فضل و کرم پر بدور گشت و شموس

Гар аз замона битарсам зи ман шигифти мадор

گر از زمانه بترسم ز من شگفت مدار

Ки шер шарза битарсад бидон дил аз ҷомўс

که شیر شرزه بترسد بدان دل از جاموس

Аҷаби зи ман ки бад-ӣни ноҳити бмондстм

عجب ز من که بدین ناحیت بماندستم

Ба айши нохушу дасти тиҳӣ ва рӯй абус

به عیش ناخوش و دست تهی و روی عبوس

Кадоми рӯз буд каз фалак бар асби умед

کدام روز بود کز فلک بر اسب امید

Ба хизмати ту расми сари ниҳода бар қрпўс

به خدمت تو رسم سر نهاده بر قرپوس

Чаро мазаллати ғурбат ниҳодаам бар хеш

چرا مذلت غربت نهاده ام بر خویش

Агар димоғ маро нест иллати кобӯс

اگر دماغ مرا نیست علت کابوس

Дилам ба ҳар чаҳ мурод манаст маҳбӯс аст

دلم به هر چه مراد من است محبوس است

Аҷаби касам ки дилам маъатталаст ва ман маҳбӯс

عجب کسم که دلم معطل است و من محبوس

Дар ин диёр ки масҷид клисё бошад

در این دیار که مسجد کلیسیا باشد

Шигифт нест ки бошад муаззинаши ноқавс

شگفت نیست که باشد موذنش ناقوس

Падеди гашти зи ман зинати замонаи ман

پدید گشت ز من زینت زمانه من

Чунонкии зинати Юнони замин ба Батламиюс

چنانکه زینت یونان زمین به بطلمیوس

Суханварон чаҳ назир мананд вақти сухан

سخنوران چه نظیر منند وقت سخن

Назири дастаи сӯсан ки бастаи дастаи сўс

نظیر دسته سوسن که بسته دسته سوس

Қасидае чу арӯсӣ ?бирт фиристодам

قصیده ای چو عروسی برت فرستادم

Каз ӯ Сауд шавад дар замона ҳар чаҳ ҳар чаҳ нҳўс

کز او سعود شود در زمانه هر چه هر چه نحوس