зи изтироб дил кунад он зулфи ънбрФоми рақс

ز اضطراب دل کند آن زلف عنبرفام رقص

намекунад оре ба боли мурғи ваҳшии доми рақс

می‌کند آری به بال مرغ وحشی دام رقص

Партави хуршедро ойӣна дар ваҷд оварад

پرتو خورشید را آیینه در وجد آورد

Дар дил равшан кунад он ёри сими андоми рақс

در دل روشن کند آن یار سیم‌اندام رقص

Пеши оқил дар бало бӯдан ба аз бим балост

پیش عاقل در بلا بودن به از بیم بلاست

Мурғ зирак мекунад дар ҳалқаҳои доми рақс

مرغ زیرک می‌کند در حلقه‌های دام رقص

Шавқ дар ҳар дил ки бошад мутрибӣ дар кор нест

شوق در هر دل که باشد مطربی در کار نیست

Бедаф ва не мекунад гардуни миноФоми рақс

بی دف و نی می‌کند گردون مینافام رقص

Дар муҳӣти ишқ бетобӣ буд боди мурод

در محیط عشق بی‌تابی بود باد مراد

Баради кафро бар карони зини баҳри хӯни ошоми рақс

برد کف را بر کران زین بحر خون‌آشام رقص

Зарраро назораи хуршед дар рақс оварад

ذره را نظاره خورشید در رقص آورد

Оташини рӯе чу бошад нест бе ҳангоми рақс

آتشین‌رویی چو باشد نیست بی‌هنگام رقص

То раги хомӣ буд дар бода нанишинад зи ҷӯш

تا رگ خامی بود در باده ننشیند ز جوش

намекунанд аз норасои суфиёни хоми рақс

می‌کنند از نارسایی صوفیان خام رقص

Авҷи давлати ҷои бозӣу нишот ва лаҳв нест

اوج دولت جای بازی و نشاط و لهو نیست

Аз басират нест кардан бар канори боми рақс

از بصیرت نیست کردن بر کنار بام رقص

Ҳркҷои он мутриби хуршед ва толеъ шавад

هرکجا آن مطرب خورشید و طالع شود

Хурдаи ҷонро кунад чун зарра бе ороми рақс

خرده جان را کند چون ذره بی‌آرام رقص

Шамъ месозад қабои пероҳани фонӯс ро

شمع می‌سازد قبا پیراهن فانوس را

Чун кунад дар анҷумани он ёри сими андоми рақс

چون کند در انجمن آن یار سیم‌اندام رقص

Туъма дарё нагардад ҳарки аз худ шуд тиҳӣ

طعمه دریا نگردد هرکه از خود شد تهی

То буд холӣ , бар рӯй саҳбои ҷоми рақс

تا بود خالی، بر روی صهبا جام رقص

Фитнаи созони ҷаҳонро нест дар фармони забон

فتنه‌سازان جهان را نیست در فرمان زبان

намекунад бе хости оташро забон дар коми рақс

می‌کند بی‌خواست آتش را زبان در کام رقص

Аз сияҳ мисатон намеояд тамизи дарду соф

از سیه‌مستان نمی‌آید تمیز درد و صاف

намекунам яксон ба завқи бӯсау дашноми рақс

می‌کنم یکسان به ذوق بوسه و دشنام رقص

Поикўбон меравад сайлоби соиб то муҳӣт

پایکوبان می‌رود سیلاب صائب تا محیط

Ҳаркиро шавқаст дар сар мекунад ҳар гоми рақс

هرکه را شوق است در سر می‌کند هر گام رقص

Ихтиёрӣ нест соиб беқарориҳои мо

اختیاری نیست صائب بی‌قراری‌های ما

Зарра чун хуршед бинад мекунад нокоми рақс

ذره چون خورشید بیند می‌کند ناکام رقص