Сухани ишқи мадор аз дили аФгори дареғ

سخن عشق مدار از دل افگار دریغ

Ки надоранд чароғ аз сари бемори дареғ

که ندارند چراغ از سر بیمار دریغ

Қатраро силсилаи мавҷи расонад ба муҳӣт

قطره را سلسله موج رساند به محیط

Дил мадоред азон турраи таррори дареғ

دل مدارید ازان طره طرار دریغ

Он сбкрўҳи дарин роҳ ба миъроҷ расад

آن سبکروح درین راه به معراج رسد

Ки надорад сари худ аз қадами ёри дареғ

که ندارد سر خود از قدم یار دریغ

Оби он наргиси бемори бғир аз хӯн нест

آب آن نرگس بیمار بغیر از خون نیست

Об зинҳор мадоред зи бемори дареғ

آب زنهار مدارید ز بیمار دریغ

Макун азлолаҳи рухони нақди равонро имсок

مکن ازلاله رخان نقد روان را امساک

Оби худро натавон дошт зи гулзори дареғ

آب خود را نتوان داشت ز گلزار دریغ

Хоксорони зи ту маҳрӯм чаро мебошанд ?

خاکساران ز تو محروم چرا می باشند؟

Нест чун партави меҳр аз дарави девори дареғ

نیست چون پرتو مهر از درو دیوار دریغ

Нари ҳондими азин ҷисми гронҷони дил ро

نر هاندیم ازین جسم گرانجان دل را

Монад ин ганҷи ниҳони дртаҳи девори дареғ

ماند این گنج نهان درته دیوار دریغ

Нест ҷуз бе самарии ҳосили пайванди ҷаҳон

نیست جز بی ثمری حاصل پیوند جهان

Барги ин нахли зи афсӯс буд , бори дареғ

برگ این نخل ز افسوس بود، بار دریغ

Рӯзии биҳдаҳи гӯйон ҷаҳонаст афсӯс

روزی بیهده گویان جهان است افسوس

Ҳеҷ хомӯшӣ нахурдааст ба гуфтори дареғ

هیچ خاموشی نخورده است به گفتار دریغ

Монад дар силсилаи тӯли амли гавҳари дил

ماند در سلسله طول امل گوهر دل

Муҳраи худ нрбўдими азин мори дареғ

مهره خود نربودیم ازین مار دریغ

Аз гарони маҳмилии хоби замини гири шудем

از گران محملی خواب زمین گیر شدیم

Нараседем ба он қофилаи солори дареғ

نرسیدیم به آن قافله سالار دریغ

Гарчи гардид дўтоқомти мо чун сайқал

گرچه گردید دوتاقامت ما چون صیقل

Теғи худро нздўдими зи зангори дареғ

تیغ خود را نزدودیم ز زنگار دریغ

Гарчи сад ғӯтаи дарин қулзум хунхор задем

گرچه صد غوطه درین قلزم خونخوار زدیم

Раҳ набардем ба он гавҳари шҳўори дареғ

ره نبردیم به آن گوهر شهوار دریغ

Чун накардӣ дили худ софи зи зангор , мадор

چون نکردی دل خود صاف ز زنگار، مدار

Санги робории азин оинаи тори дареғ

سنگ راباری ازین آینه تار دریغ

Гарчи аз хомаи ман шеър бо миъроҷ расед

گرچه از خامه من شعر با معراج رسید

Ҳайф азон умр ки шуд сарфи дарин кори дареғ

حیف ازان عمر که شد صرف درین کار دریغ

Чок шуд чун садаф аз фикри дили мо ва надид

چاک شد چون صدف از فکر دل ما و ندید

Рӯй гармии гуҳари мо зи харидори дареғ

روی گرمی گهر ما ز خریدار دریغ

Хӯрд хӯни ман ва аз танагии фурсати соиб

خورد خون من و از تنگی فرصت صائب

Хӯни худро нагирифтам зи лаби ёри дареғ

خون خود را نگرفتم ز لب یار دریغ