Чунон ки булбули мискин буд хазони дрбоғ
چنان که بلبل مسکین بود خزان درباغ
зи ёру дӯсти ҷудо мондаам чунон дрбоғ
ز یار و دوست جدا مانده ام چنان درباغ
Сабк дар оем вбирўни рӯми сабк чу насим
سبک در آیم وبیرون روم سبک چو نسیم
Ним ба хотири нозкдлони гарони дрбоғ
نیم به خاطر نازکدلان گران درباغ
Фитодаем паии ҳам чу баргҳои хазон
فتاده ایم پی هم چو برگهای خزان
Агар чаҳ як дўсаҳ рӯзем миҳмони дрбоғ
اگر چه یک دوسه روزیم میهمان درباغ
зи хеши хаймаи буруни зан , ғам рафиқ махӯр
ز خویش خیمه برون زن، غم رفیق مخور
Ки шуд зи буии гули омодаи корвони дрбоғ
که شد ز بوی گل آماده کاروان درباغ
Бигир хӯни худ аз ҷоми арғавонии ранг
بگیر خون خود از جام ارغوانی رنگ
Ки як ду ҳафта буд ҷӯши арғавони дрбоғ
که یک دو هفته بود جوش ارغوان درباغ
зи норасои машраб , миёни бодаи кашон
ز نارسایی مشرب، میان باده کشان
Хаҷали зи хушкии хешам чу ошёни дрбоғ
خجل ز خشکی خویشم چو آشیان درباغ
Чу барг ғунча нашукуфта мо гирифтаи дилон
چو برگ غنچه نشکفته ما گرفته دلان
Нашуд ки сар ба ҳам ореми як замони дрбоғ
نشد که سر به هم آریم یک زمان درباغ
Маро ки чашм ба пой худаст чун наргис
مرا که چشم به پای خودست چون نرگس
Чаҳ суди азин ки буд манзилу макони дрбоғ ?
چه سود ازین که بود منزل و مکان درباغ ؟
Тараст аз арақи шарми ҷайбу домани гул
ترست از عرق شرم جیب و دامن گل
Шаби гузашта ки бӯдааст миҳмони дрбоғ ?
شب گذشته که بوده است میهمان درباغ ؟
Ки хӯшаи чин шуда ёрб дигар зи хирмани гул ?
که خوشه چین شده یارب دگر ز خرمن گل ؟
Ки барқ май ҷаҳд аз чашми булбулони дрбоғ
که برق می جهد از چشم بلبلان درباغ
Далели тнгдлии бас буд ҳамин соиб
دلیل تنگدلی بس بود همین صائب
Ки ҳмчўғнчаҳ хамӯшам ба сад забони дрбоғ
که همچوغنچه خموشم به صد زبان درباغ