Аз пас сад парда май тобади фурӯғро зи ишқ

از پس صد پرده می تابد فروغ را ز عشق

Серумаи натавонад гирифтани роҳи броўози ишқ

سرمه نتواند گرفتن راه برآواز عشق

Сади Искандар ки чун ойӣнаи нохун гир нест

سد اسکندر که چون آیینه ناخن گیر نیست

Сина Кебекаст пеши чнгли шаҳбози ишқ

سینه کبک است پیش چنگل شهباز عشق

Кӯчаи боғ зулф созад кӯчаи занҷир ро

کوچه باغ زلف سازد کوچه زنجیر را

Ҳаркиро дарбор бошад нофаи ғаммози ишқ

هرکه را دربار باشد نافه غماز عشق

намешавад носоз ҳар нохун задани тнбўри ақл

می شود ناساز هر ناخن زدن طنبور عقل

То навой сувар аз қонӯн науфтад сози ишқ

تا نوای صور از قانون نیفتد ساز عشق

Ман кӣм то дар набарди ишқи по муҳкам кунам ?

من کیم تا در نبرد عشق پا محکم کنم ؟

Кӯҳ ларзад бар камар аз бим даст андоз ишқ

کوه لرزد بر کمر از بیم دست انداز عشق

Тавқ бар гардан гузорад оҳӯони қудс ро

طوق بر گردن گذارد آهوان قدس را

Даст чун берун кунад зулф каманд андоз ишқ

دست چون بیرون کند زلف کمند انداز عشق

Хирмани умед на гардун шавад помоли барқ

خرمن امید نه گردون شود پامال برق

Чун фишонд остин бе ниёзии нози ишқ

چون فشاند آستین بی نیازی ناز عشق

Аз касодӣ мезанад Юсуфи тарозу бар замин

از کسادی می زند یوسف ترازو بر زمین

Ҳркҷои дукони кушояди дилбари таннози ишқ

هرکجا دکان گشاید دلبر طناز عشق

Дӯстони як ҷиҳат аз қурбу баъд осӯда анд

دوستان یک جهت از قرب و بعد آسوده اند

намерасад , дар ҳркҷо бошад , ба дили овози ишқ

می رسد، در هرکجا باشد، به دل آواز عشق

Синае каз тирагии ҳамчашми доғи лола буд

سینه ای کز تیرگی همچشم داغ لاله بود

Об гирданд ба чашми доғ , аз парвози ишқ

آب گرداند به چشم داغ، از پرواز عشق

Фикри соиб гарчи нозук буд аз рӯзи азал

فکر صائب گرچه نازک بود از روز ازل

Ранг дигар барграфт аз партави эъҷози ишқ

رنگ دیگر برگرفت از پرتو اعجاز عشق