Бадар аз равшанӣ орӣа гардид ҳилол
بدر از روشنی عاریه گردید هلال
Кӯтаҳи андеш маҳол аст кунад фикри мол
کوته اندیش محال است کند فکر مال
Дар сияҳ дил накунад суҳбати некони таъси
در سیه دل نکند صحبت نیکان تاثیر
Пои тоўс нигорин нашавад аз пари вабол
پای طاوس نگارین نشود از پر وبال
Аз чароғӣ ки гадо май талабад равшан шуд
از چراغی که گدا می طلبد روشن شد
Ки шавад рӯзи шаби тира ба арбоби суол
که شود روز شب تیره به ارباب سوال
То ба хусрав накунад зиндагии ширини талх
تا به خسرو نکند زندگی شیرین تلخ
Хӯни Фарҳод маҳоласт ки гардад помол
خون فرهاد محال است که گردد پامال
Чаҳ хаёласт нафас рост тавонад кардан
چه خیال است نفس راست تواند کردن
Ҳаркиро ҷозиба шавқ кунад истиқбол
هرکه را جاذبه شوق کند استقبال
Чун ма бадар кунандаш ба назари дунбаи гудоз
چون مه بدر کنندش به نظر دنبه گداز
Соғари ҳаркии дарин базм шавад моломол
ساغر هرکه درین بزم شود مالامال
Ширкати оина бар ишқ ғаюраст гарон
شرکت آینه بر عشق غیورست گران
Ман вони ҳасани латифӣ ки надорад тимсол
من وآن حسن لطیفی که ندارد تمثال
Хати озодии ғмҳости гирифтории ишқ
خط آزادی غمهاست گرفتاری عشق
Дар қафаси мурғи офот буд Форғбол
در قفس مرغ آفات بود فارغبال
Аз ҳаромаст турои коҳилӣ аз тоъати ҳақ
از حرام است ترا کاهلی از طاعت حق
Ки буд завқи ибодати самари ризқи ҳалол
که بود ذوق عبادت ثمر رزق حلال
То буд доираи чарх ба ҷо чун марказ
تا بود دایره چرخ به جا چون مرکز
Ахтари мочаҳ хаёл аст барояд зўбол
اختر ماچه خیال است برآید زوبال
Гардиши чарх ба ислоҳ наёвард маро
گردش چرخ به اصلاح نیاورد مرا
Хирман ҳастӣ ман пок нашуд зини ғарбол
خرمن هستی من پاک نشد زین غربال
Дар ҳузури он ки маро кард фаромӯш ва нахонд
در حضور آن که مرا کرد فراموش و نخواند
Ба чаҳ умед кунам номаи худро ирсол
به چه امید کنم نامه خود را ارسال
Май кушояди дили равшани гуҳар аз хуши суханон
می گشاید دل روشن گهر از خوش سخنان
Кори зангор ба ойӣна кунад тӯтии лол
کار زنگار به آیینه کند طوطی لال
( . . . )
( . . . )
Неъматиро ки буд дидаи шӯр аз дунбол
نعمتی را که بود دیده شور از دنبال
Ҳарки бо тавсан саркаш кунад андешаи тохт
هرکه با توسن سرکش کند اندیشه تاخت
Маргро мекунад аз содаи дилии истиқбол
مرگ را می کند از ساده دلی استقبال
Мӯрро то ба кафи дасти сулаймон ҷо дод
مور را تا به کف دست سلیمان جا داد
Ҳасани фармондиҳяши гашти яке сад зини хол
حسن فرماندهیش گشت یکی صد زین خال
Сайри афлок далеласт ба он олами нур
سیر افلاک دلیل است به آن عالم نور
Шамъ бошад сабаби гардиши фонӯси хаёл
شمع باشد سبب گردش فانوس خیال
Ба самари борвар аз оби ду чашмам шуда аст
به ثمر بارور از آب دو چشمم شده است
Қатъ пайванд кунам чун ман азон тозаи ниҳол
قطع پیوند کنم چون من ازان تازه نهال
Чун камолот надорад самарии ҷузи хорӣ
چون کمالات ندارد ثمری جز خواری
Ҷой раҳмаст барони кас ки кунад касби камол
جای رحم است برآن کس که کند کسب کمال
Қисмати хок ниҳодон нашавад талхии айш
قسمت خاک نهادان نشود تلخی عیش
Ки май ноби зи дардасти фузуни ризқи суфол
که می ناب ز دردست فزون رزق سفال
Моҳи нўгшти тамоми азраҳи коҳиши соиб
ماه نوگشت تمام ازره کاهش صائب
Бериёзат нашавад ҳеҷ кас аз аҳли камол
بی ریاضت نشود هیچ کس از اهل کمال