Шикваи ҳасан фузун гардад аз либоси ҷалол
شکوه حسن فزون گردد از لباس جلال
Шавад ду оташаи ранг батон зи ҷомаи ол
شود دو آتشه رنگ بتان ز جامه آل
Азон ба ҷомаи гулранг моиласт он шухӣ
ازان به جامه گلرنگ مایل است آن شوخ
Ки дар либос кунад хӯни ошиқони помол
که در لباس کند خون عاشقان پامال
Чу об аз ҷигари лаъл оташин пайдост
چو آب از جگر لعل آتشین پیداست
Сафои пайкари симин ӯ зи ҷомаи ол
صفای پیکر سیمین او ز جامه آل
Кадоми чашми туро сайр метавонад дид
کدام چشم ترا سیر می تواند دید
Кунун ки қади ту аз ҷома ёфт ранги ҷамол
کنون که قد تو از جامه یافت رنگ جمال
Ба покдоманӣ афтодааст кори маро
به پاکدامنی افتاده است کار مرا
Ки ҷомаи ронкнди ранги ҷуз ба хӯни ҳалол
که جامه رانکند رنگ جز به خون حلال
Замини зи ҷилваи рангини он баҳори умед
زمین ز جلوه رنگین آن بهار امید
зи бодаи шафақӣ соғарӣаст моломол
ز باده شفقی ساغری است مالامال
Ба давр рӯй ту булбули з хиҷлат ифшоанд
به دور روی تو بلبل ز خجلت افشاند
Фурӯғи чеҳраи гулро чу гирд аз Перуи бол
فروغ چهره گل را چو گرد از پرو بال
зи соя дар ҷигари хок хӯн кунад соиб
ز سایه در جگر خاک خون کند صائب
Кашид бас ки ба хӯни домани он баланди ниҳол
کشید بس که به خون دامن آن بلند نهال