Гирифтаи авҷи зи баси файзи навбаҳори имсол
گرفته اوج ز بس فیض نوبهار امسال
Яке шудааст лаби бому ҷӯйбори имсол
یکی شده است لب بام و جویبار امسال
Хамири мояи чандини баҳор оянда аст
خمیر مایه چندین بهار آینده است
Замини з абр шуд аз бас ки мояи дори имсол
زمین ز ابر شد از بس که مایه دار امسال
Накарда рости нафаси сарв хўшхром шавад
نکرده راست نفس سرو خوشخرام شود
Агар баланд шавад аз замини ғборомсол
اگر بلند شود از زمین غبارامسال
Чунин ки риштаи борони зи ҳам наме гусалад
چنین که رشته باران ز هم نمی گسلد
Дили ду ним намонад ба рӯзгори имсол
دل دو نیم نماند به روزگار امسال
Агар на субҳи қиёмат буд шукуфа чаро
اگر نه صبح قیامت بود شکوفه چرا
Наҳуфтаҳои замини гашти ошкори имсол
نهفته های زمین گشت آشکار امسال
Шукуфаи ҳамчуи самари пушти шох хам созад
شکوفه همچو ثمر پشت شاخ خم سازد
Чунин ҳуҷум кунадгар ба шохсори имсол
چنین هجوم کند گر به شاخسار امسال
Ғариб нест ки зоҳид барояд аз хушкӣ
غریب نیست که زاهد برآید از خشکی
Чунин ки шуд дарави девори мигсоромсол
چنین که شد درو دیوار میگسارامسال
зи навбаҳор ҳаво шуд чунон ба кайфият
ز نوبهار هوا شد چنان به کیفیت
Ки микшон шикананд аз ҳавои хморомсол
که میکشان شکنند از هوا خمارامسال
зи дасти тавба гирифтааст ҷӯши лолау гул
ز دست توبه گرفته است جوش لاله و گل
Чу баргҳои хазони дидаи ихтиёри имсол
چو برگهای خزان دیده اختیار امسال
Ба дидаи теғи мурассаъ ниёам ме ояд
به دیده تیغ مرصع نیام می آید
зи ҷӯши лолау гули теғи кӯҳсори имсол
ز جوش لاله و گل تیغ کوهسار امسال
Биҷуз гирифтани ҷому назораи соқӣ
بجز گرفتن جام و نظاره ساقی
намеравад дили вдстм ба ҳеҷ коромсол
نمی رود دل ودستم به هیچ کارامسال
Ғанӣ зоб хуморанд микшони соиб
غنی زآب خمارند میکشان صائب
зи баси ҳавои з рутӯбат шуд обдори имсол
ز بس هوا ز رطوبت شد آبدار امسال