Ним зи пурсиши маҳшар ба ҳеҷ боби хаҷал

نیم ز پرسش محشر به هیچ باب خجل

Ки худ ҳисоб намегардад аз ҳисоби хаҷал

که خود حساب نمی گردد از حساب خجل

Накард тарбияти ишқ дар дилами таъси

نکرد تربیت عشق در دلم تاثیر

Чу тухм сӯхта гардидам аз саҳоби хаҷал

چو تخم سوخته گردیدم از سحاب خجل

Чунин ки ман хаҷал аз соилми з бе баррагӣ

چنین که من خجل از سایلم ز بی برگی

з ташнагон набӯд муваҷҷаҳи сароби хаҷал

ز تشنگان نبود موجه سراب خجل

зи санги новаки ибром бар наме гардад

ز سنگ ناوک ابرام بر نمی گردد

Гадо намешавад аз сахтии ҷавоби хаҷал

گدا نمی شود از سختی جواب خجل

Пас азтмом шудани азчаҳ рӯй май коҳад

پس ازتمام شدن ازچه روی می کاهد

зи нури орӣа гар нест моҳтоби хаҷал

ز نور عاریه گر نیست ماهتاب خجل

Диҳад гушӯдани лаби инфеъоли нодон ро

دهد گشودن لب انفعال نادان را

Ки ҳаст хонаи муфлиси зи фатҳи боби хаҷал

که هست خانه مفلس ز فتح باب خجل

зи хат ба чашм ҳўснок шуд ҷаҳони торик

ز خط به چشم هوسناک شد جهان تاریک

Ки кӯр фаҳм шуд зуди азктоби хаҷал

که کور فهم شد زود ازکتاب خجل

Назорааш ба назари ашки гарм май орад

نظاره اش به نظر اشک گرم می آرد

Шуд аз изори ту аз бас ки офтоби хаҷал

شد از عذار تو از بس که آفتاب خجل

Ҷавоби он ғазал ҳофизаст ин соиб

جواب آن غزل حافظ است این صائب

Ки кас мабод зи кирдори носавоби хаҷал

که کس مباد ز کردار ناصواب خجل