Рӯзӣ ки сӯхти барқи таҷаллии ниқоби гул

روزی که سوخت برق تجلی نقاب گل

Булбул чигуна аб нашуд аз ҳиҷоби гул

بلبل چگونه اب نشد از حجاب گل

Ҳоҷат ба сар гушӯдани миноӣ ғунча нест

حاجت به سر گشودن مینای غنچه نیست

Моро басаст дидани ранги шароби гул

ما را بس است دیدن رنگ شراب گل

Булбули зи захми хор ба фарёд омада аст

بلبل ز زخم خار به فریاد آمده است

Оҳи он замон ки теғ кашад офтоби гул

آه آن زمان که تیغ کشد آفتاب گل

Дар хори ғӯта май занам ва ханда ме кунам

در خار غوطه می زنم و خنده می کنم

Булбули ним ки нола кунам дар рикоби гул

بلبل نیم که ناله کنم در رکاب گل

Аз боғ чун насими туҳидаст май рӯм

از باغ چون نسیم تهیدست می روم

Бо он ки чашми бохатм аз интихоби гул

با آن که چشم باختم از انتخاب گل

Булбул ба хоби мастӣу Тифли насими шӯх

بلبل به خواب مستی و طفل نسیم شوخ

Аз икдгр чигуна наризад китоби гул

از یکدگر چگونه نریزد کتاب گل

Ошиқи збўии сӯхтагӣ тоза ме шавад

عاشق زبوی سوختگی تازه می شود

ӣнҷои гули чароғ буд дар ҳисоби гул

اینجا گل چراغ بود در حساب گل

То омадааст булбули мо дар ҳарими боғ

تا آمده است بلبل ما در حریم باغ

Хамёза мекашад ба даридани ниқоби гул

خمیازه می کشد به دریدن نقاب گل

Соиби ҷавоби он ғазали ин ки гуфта анд

صائب جواب آن غزل این که گفته اند

Булбули зи ҷом лола нанӯшад шароби гул

بلبل ز جام لاله ننوشد شراب گل