Гарчи дар таъмири ҷисмами ғофил аз дил нестам
گرچه در تعمیر جسمم غافل از دل نیستم
Даст дар гул дорам аммо пой дар гул нестам
دست در گل دارم اما پای در گل نیستم
Хати шиноси ҷавҳари ойӣна дил нестам
خط شناس جوهر آیینه دل نیستم
Варна аз рози ниҳони чарх ғофил нестам
ورنه از راز نهان چرخ غافل نیستم
Пеши анвори таҷаллии наъли ман дротш аст
پیش انوار تجلی نعل من درآتش است
Чун шарари парвона ҳар шамъ маҳфил нестам
چون شرر پروانه هر شمع محفل نیستم
Бо асар корӣ надорад ашк бе пурвои ман
با اثر کاری ندارد اشک بی پروای من
Тухм май афшонам дар фикр ҳосил нестам
تخم می افشانم در فکر حاصل نیستم
Моҳи натавонад ба доми ҳола овардани маро
ماه نتواند به دام هاله آوردن مرا
Пеш ҳар ношстаҳи рӯеи пой дргл нестам
پیش هر ناشسته رویی پای درگل نیستم
Киштии Нӯҳам дил дарёст лангари гоҳи ман
کشتی نوحم دل دریاست لنگر گاه من
Чун каманди мавҷ дар андоз соҳил нестам
چون کمند موج در انداز ساحل نیستم
Гарчи аз манзил бурун наниҳодаам ҳаргизи қадам
گرچه از منزل برون ننهاده ام هرگز قدم
Бе хабари азроаҳу расми ҳеҷ манзил нестам
بی خبر ازراه و رسم هیچ منزل نیستم
Бо ҳамаи озурдагӣ аз ман касе озурда нест
با همه آزردگی از من کسی آزرده نیست
Оҳанӣни ҷонами валикини оҳанӣн дил нестам
آهنین جانم ولیکن آهنین دل نیستم
Дар намеоем зи ҷо аз рӯй гарми анҷуман
در نمی آیم ز جا از روی گرم انجمن
Чун сапанд бе адаби нодида маҳфил нестам
چون سپند بی ادب نادیده محفل نیستم
Печу тоби фориғи алболӣ балое бӯда аст
پیچ و تاب فارغ البالی بلایی بوده است
Ҷустаам беруни зи банд ва беслосл нестам
جسته ام بیرون ز بند و بی سلاسل نیستم
Ваҳшёни орзӯро сар ба саҳро дода ам
وحشیان آرزو را سر به صحرا داده ام
Ҳамчуи маҷнӯни гӯш броўозмҳмл нестам
همچو مجنون گوش برآوازمحمل نیستم
Домани матлаб ба ҷустуҷӯ намеояд ба даст
دامن مطلب به جستجو نمی آید به دست
Варна ман дар қатъи роҳи шавқ коҳил нестам
ورنه من در قطع راه شوق کاهل نیستم
намезанад мавҷ шикастани пайкарам чун бӯрё
می زند موج شکستن پیکرم چون بوریا
Дар дабистони риёзати фард ботил нестам
در دبستان ریاضت فرد باطل نیستم
Гарчи аз захми намоёни шох гул гардӣда ам
گرچه از زخم نمایان شاخ گل گردیده ام
Ҳамчунон аз чашми захми хор ғофил нестам
همچنان از چشم زخم خار غافل نیستم
Дар биёбони талаб чун лашкари реги равон
در بیابان طلب چون لشکر ریگ روان
намекунам қатъи раҳ ва дар фикр манзил нестам
می کنم قطع ره و در فکر منزل نیستم
Гарчи соиб шастаам аз дили ғубори орзӯ
گرچه صائب شسته ام از دل غبار آرزو
Як нафас беоҳ ва як дам беғам дил нестам
یک نفس بی آه و یک دم بی غم دل نیستم