Ёди айёмӣ ки шӯри ишқи булбули доштам

یاد ایامی که شور عشق بلبل داشتم

Аз дили сад пораи домонеи пар аз гули доштам

از دل صد پاره دامانی پر از گل داشتم

Аз насими шавқ ҳар мӯ дошт рақсӣ бар танам

از نسیم شوق هر مو داشت رقصی بر تنم

Аз парешонеи дили ҷамъӣ чу сунбули доштам

از پریشانی دل جمعی چو سنبل داشتم

Хонаам бе интизори хона пардозӣ набӯд

خانه ام بی انتظار خانه پردازی نبود

Чашми доим дар раҳи сайлоб чун пули доштам

چشم دایم در ره سیلاب چون پل داشتم

Орзӯ дар синаам ҳаргиз нашуд мутлақи Аннан

آرزو در سینه ام هرگز نشد مطلق عنان

Сади роҳии доим аз теғи тағофули доштам

سد راهی دایم از تیغ تغافل داشتم

Ман ки равшан буд чашми навбаҳор аз диданам

من که روشن بود چشم نوبهار از دیدنم

Як чамани хамёза дар оғӯш чун гули доштам

یک چمن خمیازه در آغوش چون گل داشتم

Рӯй шарм олуд гул шуд серумаи овози ман

روی شرم آلود گل شد سرمه آواز من

Варна ман ҳам шуълаи овози булбули доштам

ورنه من هم شعله آواز بلبل داشتم

Пой дар домон ҳайрат дошт рақси гирдбод

پای در دامان حیرت داشت رقص گردباد

Дар биёбоне ки ман сайр аз таваккули доштам

در بیابانی که من سیر از توکل داشتم

Қатраам дар абр Нитсаон дошт оташи зери по

قطره ام در ابر نیسان داشت آتش زیر پا

Бас ки умеди тараққӣ дар таназзули доштам

بس که امید ترقی در تنزل داشتم

Хасмро мағлуб кардан аз муруввати давр буд

خصم را مغلوب کردن از مروت دور بود

Варна ман ғолиби ҳарифӣ чун таҳаммули доштам

ورنه من غالب حریفی چون تحمل داشتم

Май дарди гавҳари гиребони садафро варна ман

می درد گوهر گریبان صدف را ورنه من

Аз шарофати нанг аз арзи таҷаммули доштам

از شرافت ننگ از عرض تجمل داشتم

Рабти ман соиб ба ин бстонсро имрӯз нест

ربط من صائب به این بستانسرا امروز نیست

Гуфтугӯҳо дар ҳарими байза бо гули доштам

گفتگوها در حریم بیضه با گل داشتم