Аз сари кӯии тугар азми сафар май доштам

از سر کوی تو گر عزم سفر می داشتم

намезадам бар бахти худ пое ки бар май доштам

می زدم بر بخت خود پایی که بر می داشتم

Доштам дар аҳди тифлии ҷониби девонагон

داشتم در عهد طفلی جانب دیوانگان

намезадам бар сина ҳар сангӣ ки бар доштам

می زدم بر سینه هر سنگی که بر داشتم

Ҳалқае кам мешуд аз занҷири маҷнӯни маро

حلقه ای کم می شد از زنجیر مجنون مرا

Дидаи рағбати з рӯй ҳар чаҳ бар май доштам

دیده رغبت ز روی هر چه بر می داشتم

Зиндагиро бихўдии брмн гуворо карда аст

زندگی را بیخودی برمن گوارا کرده است

намешудам девонагар аз худ хабар май доштам

می شدم دیوانه گر از خود خبر می داشتم

Дил чу хӯн гардид беҳосил буд тадбирҳо

دل چو خون گردید بی حاصل بود تدبیرها

Коши пеш аз хӯн шудани дил аз ту бар май доштам

کاش پیش از خون شدن دل از تو بر می داشتم

намекашидам пои истиғно ба домони садаф

می کشیدم پای استغنا به دامان صدف

Қатраи обӣ агар ҳамчун гуҳар май доштам

قطره آبی اگر همچون گهر می داشتم

Май рабудандами зи дасту дӯши ҳам дардии кашон

می ربودندم ز دست و دوش هم دردی کشان

Чун сабуи дасти талабгар зери сар май доштам

چون سبو دست طلب گر زیر سر می داشتم

Бепару болии маро маҳбӯс дорад дар фалак

بی پر و بالی مرا محبوس دارد در فلک

Май шикастами байзаро грболу пар май доштам

می شکستم بیضه را گربال و پر می داشتم

Дар ҷигар ме сохтам пинҳони зи бими чашми захм

در جگر می ساختم پنهان ز بیم چشم زخم

Аз дами теғи ту ҳар захмӣ ки бар май доштам

از دم تیغ تو هر زخمی که بر می داشتم

намефишондам остин бар занги вбўии орият

می فشاندم آستین بر زنگ وبوی عاریت

Зини чамангар чун хазони барги сафар май доштам

زین چمن گر چون خزان برگ سفر می داشتم

Дар барӯмандии надодами ноМуродиро зи даст

در برومندی ندادم نامرادی را ز دست

Гардании доими каҷ аз ҷӯши самар май доштам

گردنی دایم کج از جوش ثمر می داشتم

Дасти ман ҳар чанд азон мӯии миёни кӯтоҳ буд

دست من هر چند ازان موی میان کوتاه بود

Дар раги ҷони печу тоби он камар май доштам

در رگ جان پیچ و تاب آن کمر می داشتم

Оқибати машқи ҷунуни ман ба ҷое ме расед

عاقبت مشق جنون من به جایی می رسید

Рӯй нави хати турогар дар назар май доштам

روی نو خط ترا گر در نظر می داشتم

Ҷайбу домони фалак пар мешуд аз гуфтори ман

جیب و دامان فلک پر می شد از گفتار من

Дар сухани соиби ҳам овозӣ агар май доштам

در سخن صائب هم آوازی اگر می داشتم