Гар фурӯғи меҳри тобони об май орад ба чашм

گر فروغ مهر تابان آب می آرد به چشم

Рӯй отшнок ӯ хуноб май орад ба чашм

روی آتشناک او خوناب می آرد به چشم

Биқрори гули напардозад ба авроқи хазон

بیقرار گل نپردازد به اوراق خزان

Меҳру маро кӣ дили битоб май орад ба чашм

مهر و مه را کی دل بیتاب می آرد به چشم

Гардиши чашми ту гардунро кунад зирўзбр

گردش چشم تو گردون را کند زیروزبر

Киштии мори а кӣ ин гирдоб май орад ба чашм

کشتی مار ا کی این گرداب می آرد به چشم

Аз шукр ханд ту май резади намак дар чашми хоб

از شکر خند تو می ریزد نمک در چشم خواب

Гарчи субҳи навбаҳорони хоб май орад ба чашм

گرچه صبح نوبهاران خواب می آرد به چشم

Пеши абрӯии ту май бӯсади замин на осмон

پیش ابروی تو می بوسد زمین نه آسمان

Саҷдаи моро кӣ ин миҳроб май орад ба чашм

سجده ما را کی این محراب می آرد به چشم

Сарф гардад бодаи мамзуҷ дар паймонаи ?ут

صرف گردد باده ممزوج در پیمانه ات

Бас ки рухсорати қадаҳро об май орад ба чашм

بس که رخسارت قدح را آب می آرد به چشم

Иштиёқи бӯсаи лаъл лаб мегаван ту

اشتیاق بوسه لعل لب میگون تو

Ҷоми холии рошроби ноб май орад ба чашм

جام خالی راشراب ناب می آرد به چشم

Мгсл аз мо нотавонон каз барои маслиҳат

مگسل از ما ناتوانان کز برای مصلحت

Риштаро ҳам гавҳари сероб май орад ба чашм

رشته را هم گوهر سیراب می آرد به چشم

Давр бош покии домони ани ойӣнаи рӯ

دور باش پاکی دامان ان آیینه رو

Ашкро ларзонтар аз симоб май орад ба чашм

اشک را لرزانتر از سیماب می آرد به چشم

Шуълаи бимоиаҳ май печад ба ҳар хору хасӣ

شعله بیمایه می پیچد به هر خار و خسی

Кӣ пари парвонаро маҳтоб май орад ба чашм

کی پر پروانه را مهتاب می آرد به چشم

Бас ки хор взор шуд дар рӯзгори ҳасани ту

بس که خوار وزار شد در روزگار حسن تو

Дидани хуршеди тобони об май орад ба чашм

دیدن خورشید تابان آب می آرد به چشم

Ҳар киро соиби дил аз тарки алойиқ гарм шуд

هر که را صائب دل از ترک علایق گرم شد

Кӣ смўру қоқму санҷоб май орад ба чашм

کی سمور و قاقم و سنجاب می آرد به چشم