Биғмонро дӯди дили абр баҳор ояд ба чашм

بیغمان را دود دل ابر بهار آید به چشم

Синаи пурдоғи ошиқи лола зор ояд ба чашм

سینه پرداغ عاشق لاله زار آید به چشم

Бе тааммули камтар аз қатрааст баҳри бикнор

بی تامل کمتر از قطره است بحر بیکنار

Бо тааммули қатраи баҳр бикнор ояд ба чашм

با تامل قطره بحر بیکنار آید به چشم

Орифони зиндаи дилро бар сари длмрдгон

عارفان زنده دل را بر سر دلمردگان

Турраи зари тор чун шамъ мазор ояд ба чашм

طره زر تار چون شمع مزار آید به چشم

Биҷгрро ҳар сар хорӣаст теғи обдор

بیجگر را هر سر خاری است تیغ آبدار

Прдлонро теғ бе зинҳори хороид ба чашм

پردلان را تیغ بی زنهار خارآید به چشم

Бо вуҷӯди ҷисми хокӣ дидани ҳақ мушкил аст

با وجود جسم خاکی دیدن حق مشکل است

Чун нишинад ин ғубори он шаҳсавор ояд ба чашм

چون نشیند این غبار آن شهسوار آید به چشم

Тарк даъвӣ кун ки пеши мардуми болиғи назар

ترک دعوی کن که پیش مردم بالغ نظر

Дорбои Мансури Тифли не савор ояд ба чашм

داربا منصور طفل نی سوار آید به چشم

Сина чун пар рахна шуд аз оҳ , мегардад зира

سینه چون پر رخنه شد از آه، می گردد زره

Дили ду ним аз дард чун шуд зулфиқор ояд ба чашм

دل دو نیم از درد چون شد ذوالفقار آید به چشم

Соҳиби ҳайбат заъифон мешаванд аз иттифоқ

صاحب هیبت ضعیفان می شوند از اتفاق

Чун ба ҳам пайваста гардад зулфиқор ояд ба чашм

چون به هم پیوسته گردد ذوالفقار آید به چشم

Бас ки шуд дар рӯзгори ҳасан ӯ хуршеди хор

بس که شد در روزگار حسن او خورشید خوار

Ашки гарм аз диданаш беихтиёр ояд ба чашм

اشک گرم از دیدنش بی اختیار آید به چشم

Рӯй зарринро баҳор бехазон дар парда аст

روی زرین را بهار بی خزان در پرده است

Гарчи дар зоҳири хазон бебаҳор ояд ба чашм

گرچه در ظاهر خزان بی بهار آید به چشم

Хат нагардадгар ҷавоҳири серумаи назорагӣ

خط نگردد گر جواهر سرمه نظارگی

Нест мумкин аз латофати он изор ояд ба чашм

نیست ممکن از لطافت آن عذار آید به چشم

Дар сари кӯе ки хуршеди сети як хунини ҷигар

در سر کویی که خورشید ست یک خونین جگر

Нест мумкини соиб беэътибор ояд ба чашм

نیست ممکن صائب بی اعتبار آید به چشم