Теғи кӯҳи ҳамтеми домани зи саҳро май кашам
تیغ کوه همتم دامن ز صحرا میکشم
Май рӯм то авҷи истиғно , дигар вомии кашам
میروم تا اوج استغنا، دگر وامیکشم
Даст аз машшота дар нозуки адое барда ам
دست از مشاطه در نازکادایی بردهام
Соя аз мижгон бар он зулфи чилипо май кашам
سایه از مژگان بر آن زلف چلیپا میکشم
Дар қаноат аз садафи камтар чаро бошад касе
در قناعت از صدف کمتر چرا باشد کسی
намерибоем қатраеу сар ба дарё май кашам
میربایم قطرهای و سر به دریا میکشم
Дар паноҳи аҳли азлат май гурезам чанд гоҳ
در پناه اهل عزلت میگریزم چند گاه
Пардае бар рӯй худ аз боли анқо май кашам
پردهای بر روی خود از بال عنقا میکشم
эй сумум бе муруввати шуълае аз дил барор
ای سموم بیمروت شعلهای از دل برآر
Ҷодаи ҷӯй хӯн шуд аз баси хор аз по май кашам
جاده جوی خون شد از بس خار از پا میکشم
То даҳан бозаст чун паймона май нӯшами шароб
تا دهن بازست چون پیمانه مینوشم شراب
Чун сабу то даст бар тан ҳаст саҳбо май кашам
چون سبو تا دست بر تن هست صهبا میکشم
Май занами ҳрдм ба дили нақши умеди тоза Эй
میزنم هردم به دل نقش امید تازهای
Хомае дар даст дорам нақши анқо май кашам
خامهای در دست دارم نقش عنقا میکشم