Шеваҳои Юсуф аз ихвони дунё май кашам
شیوههای یوسف از اخوان دنیا میکشم
Нози икрнгони азин гулҳои раъно май кашам
ناز یکرنگان ازین گلهای رعنا میکشم
Устихони бахтёни чархро созад ғубор
استخوان بختیان چرخ را سازد غبار
Ончии ман аз бори ғам дар ишқ танҳо май кашам
آنچه من از بار غم در عشق تنها میکشم
Бар фанои зангу бӯ бисёр меларзад дилам
بر فنای زنگ و بو بسیار میلرزد دلم
Шабнами худро азин гулзори боло май кашам
شبنم خود را ازین گلزار بالا میکشم
Зиндагонӣ гарчи чун мавҷаст аз дарёи маро
زندگانی گرچه چون موج است از دریا مرا
Теғ аз ҳар ҷунбишӣ бар рӯй дарё май кашам
تیغ از هر جنبشی بر روی دریا میکشم
Оташ гум карда роҳон муҳаббат ме шавад
آتش گمکردهراهان محبت میشود
Дар биёбони талаби хорӣ ки аз по май кашам
در بیابان طلب خاری که از پا میکشم
Гурбаи ҷурми покдомонӣ ба зиндонам кунанд
گربه جرم پاکدامانی به زندانم کنند
Ҳамчуи Юсуфи доман аз дасти Зулайхо май кашам
همچو یوسف دامن از دست زلیخا میکشم
Гӯшагирӣ киштӣ Нӯҳаст тӯфони дида ро
گوشهگیری کشتی نوح است طوفاندیده را
Домани дилро бурун аз дасти дунё май кашам
دامن دل را برون از دست دنیا میکشم
Мӯшикофиҳо ҳавосамро парешон карда аст
موشکافیها حواسم را پریشان کرده است
Аз тағофули пардае бар чашми бино май кашам
از تغافل پردهای بر چشم بینا میکشم
Серума месозад нафасро гармии саҳрои ҳашар
سرمه میسازد نفس را گرمی صحرای حشر
Аз ҷигари имрӯзи оҳ аз баҳри фардо май кашам
از جگر امروز آه از بهر فردا میکشم
Чашми беморам , з беморӣ надорам шиква Эй
چشم بیمارم، ز بیماری ندارم شِکوهای
Талхии марг аз дами ҷони бахши ъисиٰ май кашам
تلخی مرگ از دم جانبخش عیسیٰ میکشم
намехӯрд хӯни теғи ҷавҳардор дар банди ниёам
میخورد خون تیغ جوهردار در بند نِیام
Аз саводи шаҳри рахти худ ба саҳро май кашам
از سواد شهر رخت خود به صحرا میکشم
Май кашам чун мавҷи теғи худ зи соҳили барфи сон
میکشم چون موج تیغ خود ز ساحل برفسان
Гоҳ гоҳе Аннан аз дасти дарё май кашам
گاهگاهی عنان از دست دریا میکشم
Аз латофати хори пой дил намеояд ба чашм
از لطافت خار پای دل نمیآید به چشم
Варна сӯзан аз гиребони масеҳо май кашам
ورنه سوزن از گریبان مسیحا میکشم
Аз газанди чашми захми ақл эмин нестам
از گزند چشم زخم عقل ایمن نیستم
Бар рухи худ ҳамчуи маҷнӯни нили савдо май кашам
بر رخ خود همچو مجنون نیل سودا میکشم
Шиша аз гардани кашӣ дар пои соғари сари ниҳод
شیشه از گردنکشی در پای ساغر سر نهاد
Ман ҳамон аз содагӣ чу мино май кашам
من همان از سادگی چو مینا میکشم
Устихонами соиб аз доғи ғарибӣ серума шуд
استخوانم صائب از داغ غریبی سرمه شد
Хуйро дар гӯшаи он чашми Шаҳло май кашам
خوی را در گوشه آن چشم شهلا میکشم