Аз сабки рӯҳии зи буии гули гаронӣ май кашам

از سبک‌روحی ز بوی گل گرانی می‌کشم

Аз парии озори санг аз шишаи ҷонӣ май кашам

از پری آزار سنگ از شیشه جانی می‌کشم

Чун нагардад устихон дар пайкари ман тўтё

چون نگردد استخوان در پیکر من توتیا

Сол ҳо шуд каз гарони ҷонони гаронӣ май кашам

سال‌ها شد کز گران‌جانان گرانی می‌کشم

Аз ғами дунёу уқбои як нафаси фориғи ним

از غم دنیا و عقبی یک نفس فارغ نیم

Чун тарозу аз ду сари доими гаронӣ май кашам

چون ترازو از دو سر دایم گرانی می‌کشم

Зиндагӣ бедӯстон чун Хизр , бор хотираст

زندگی بی‌دوستان چون خضر، بار خاطرست

Талхии марг аз ҳаёти ҷовдонӣ май кашам

تلخی مرگ از حیات جاودانی می‌کشم

Он сабки рӯҳами дарин водӣ ки чун мавҷи сароб

آن سبک‌روحم درین وادی که چون موج سراب

Кулуфт рӯй замин аз хуши аноне май кашам

کلفت روی زمین از خوش‌عنانی می‌کشم

Дасту по гум мекунам зон наргиси нилӯфарӣ

دست و پا گم می‌کنم زان نرگس نیلوفری

Ман ки умрӣ шуд балои осмонӣ май кашам

من که عمری شد بلای آسمانی می‌کشم

Хати маро чун он лаби ҷон бахш мебахшад ҳаёт

خط مرا چون آن لب جان‌بخش می‌بخشد حیات

Аз сиёҳии нози оби зиндагонӣ май кашам

از سیاهی ناز آب زندگانی می‌کشم

Аз даҳон боз шуд ганҷинаи гавҳари садаф

از دهان باز شد گنجینه گوهر صدف

Ман ба дарёи тишнагӣ аз бе даҳоне май кашам

من به دریا تشنگی از بی‌دهانی می‌کشم

Май гузаштами пеши азин аз моҳи канъони бастаи чашм

می‌گذشتم پیش ازین از ماه کنعان بسته چشم

Нози Юсуфи ин замон аз корвонӣ май кашам

ناز یوسف این زمان از کاروانی می‌کشم

Май кашамгар дар ҷавонии оҳи афсӯс аз ҷигар

می‌کشم گر در جوانی آه افسوس از جگر

Нили чашми захм бар рӯй ҷавонӣ май кашам

نیل چشم زخم بر روی جوانی می‌کشم

Аҷз дар корӣ ки натавон пеши бурдан қудрат аст

عجز در کاری که نتوان پیش بردن قدرت است

Ман зи кори хеши даст аз кордонӣ май кашам

من ز کار خویش دست از کاردانی می‌کشم

намекунад завқи сабки бории гарононро сабк

می‌کند ذوق سبک‌باری گرانان را سبک

Бар умеди марг , нози зиндагонӣ май кашам

بر امید مرگ، ناز زندگانی می‌کشم

Сахт ҷонӣ нест аз дили бастагӣ бо ҷони маро

سخت‌جانی نیست از دل‌بستگی با جان مرا

Теғ ӯро бар Фсон аз сахти ҷонӣ май кашам

تیغ او را بر فسان از سخت‌جانی می‌کشم

Ҳасани гндмгўн агар соиб набошад дар назар

حسن گندمگون اگر صائب نباشد در نظر

Рахти берун аз биҳишти ҷовдонӣ май кашам

رخت بیرون از بهشت جاودانی می‌کشم