Мо ба дашном аз лаби ширин дилбар қонеъем

ما به دشنام از لب شیرین دلبر قانعیم

Бо ҷавоби талхи мо зон танг шукр қонеъем

با جواب تلخ ما زان تنگ شکر قانعیم

Домани мо аз ҳавас покаст чун оби равон

دامن ما از هوس پاک است چون آب روان

Мо зи сарви қомат ӯ бо саросар қонеъем

ما ز سرو قامت او با سراسر قانعیم

Нест чун парвонаи моро чашм бар бӯсу канор

نیست چون پروانه ما را چشم بر بوس و کنار

Мо ба рӯй гарм аз оташ чун самандар қонеъем

ما به روی گرم از آتش چون سمندر قانعیم

Мӯшикофӣ нест ҳамчун шонаи кори дасти мо

موشکافی نیست همچون شانه کار دست ما

Мо ба буии хуш аз он зулф мънбр қонеъем

ما به بوی خوش از آن زلف معنبر قانعیم

Халқи хуби сарфарозон аз самар ширин тараст

خلق خوب سرفرازان از ثمر شیرین ترست

Мо ба рӯй тоза аз сарв ва санавбар қонеъем

ما به روی تازه از سرو و صنوبر قانعیم

Аз чаҳ гардан чун суроҳеи пеши соғар каҷ кунем

از چه گردن چون صراحی پیش ساغر کج کنیم

Мо ки бо хӯни дил аз саҳбоӣ аҳмар қонеъем

ما که با خون دل از صهبای احمر قانعیم

Чун не бемағз аз ҳасани глўсўзи шукр

چون نی بی مغز از حسن گلوسوز شکر

Мо дарин бстонсро бо нағма тар қонеъем

ما درین بستانسرا با نغمه تر قانعیم

Чун садаф натавон лаби моро ҷудо кардан ба теғ

چون صدف نتوان لب ما را جدا کردن به تیغ

Мо ба ҳифзи обрӯии худ з гавҳар қонеъем

ما به حفظ آبروی خود ز گوهر قانعیم

Ҳар чаҳ натавон баради зери хок бо худ мол нест

هر چه نتوان برد زیر خاک با خود مال نیست

Мо зи ганҷи симу зар бо рӯй чун зар қонеъем

ما ز گنج سیم و زر با روی چون زر قانعیم

Аз туҳидастӣ дуо дорад пару боли урӯҷ

از تهیدستی دعا دارد پر و بال عروج

Мо ба дасти холӣ аз домон пурзар қонеъем

ما به دست خالی از دامان پرزر قانعیم

Раҳ надорад дар дил хурсанд истисқои ҳирс

ره ندارد در دل خرسند استسقای حرص

Чун гуҳар бо қатрае зини баҳр ахзар қонеъем

چون گهر با قطره ای زین بحر اخضر قانعیم

Оби борӣки қаноатро намебошад завол

آب باریک قناعت را نمی باشد زوال

Мо ба як дами об чун теғ бҷўҳр қонеъем

ما به یک دم آب چون تیغ بجوهر قانعیم

Чун Сикандар нест моро чашм бар оби ҳаёт

چون سکندر نیست ما را چشم بر آب حیات

Мо зи оби зиндагӣ бо дида тар қонеъем

ما ز آب زندگی با دیده تر قانعیم

Хобгоҳи нарми ғифлатро ду боло ме кунад

خوابگاه نرم غفلت را دو بالا می کند

Мо ба хишту хок аз болин ва бистар қонеъем

ما به خشت و خاک از بالین و بستر قانعیم

Неъмат он бошад ки чашмӣ нест дар дунбол ӯ

نعمت آن باشد که چشمی نیست در دنبال او

Мо ба нони хушки худ бо дида тар қонеъем

ما به نان خشک خود با دیده تر قانعیم

намешавад дар ҷомаи рангини дили равшани сиёҳ

می شود در جامه رنگین دل روشن سیاه

Мо ба хокистари азин гулхан чу ахгар қонеъем

ما به خاکستر ازین گلخن چو اخگر قانعیم

Турраи зари тор охир медиҳад сарро ба бод

طره زر تار آخر می دهد سر را به باد

Мо ба доғи оташин аз афсар зар қонеъем

ما به داغ آتشین از افسر زر قانعیم

Ҳалқа ҳар дар нагардад дидаи мағрури мо

حلقه هر در نگردد دیده مغرور ما

Мо азин дарҳои беҳосил ба як дар қонеъем

ما ازین درهای بی حاصل به یک در قانعیم

Шҳпри тоўсро охири магас рон ме кунанд

شهپر طاوس را آخر مگس ران می کنند

Мо ба беболу парии зороиш пар қонеъем

ما به بی بال و پری زآرایش پر قانعیم

Туъмаи гардуни кҷрФтор беқуллоб нест

طعمه گردون کجرفتار بی قلاب نیست

Мо ба оби хушки азин дарёӣ ахзар қонеъем

ما به آب خشک ازین دریای اخضر قانعیم

Чун гул раъност ҷоми зари пар аз хӯни ҷигар

چون گل رعناست جام زر پر از خون جگر

Бо суфоли хушки мо аз соғар зар қонеъем

با سفال خشک ما از ساغر زر قانعیم

Ташнаи дидорро кавсар буд мавҷи сароб

تشنه دیدار را کوثر بود موج سراب

Бо лақои дӯсти мо соиби з кавсар қонеъем

با لقای دوست ما صائب ز کوثر قانعیم