Гарчи мо роҳи талабро пой дар гул ме рӯем

گرچه ما راه طلب را پای در گل می رویم

Пештар аз барқи рафторон ба манзил ме рӯем

پیشتر از برق رفتاران به منزل می رویم

Васли додеми шавқро афсурда созад зон чу мавҷ

وصل دادیم شوق را افسرده سازد زان چو موج

Гоҳ гоҳе аз дили дарё ба соҳил ме рӯем

گاه گاهی از دل دریا به ساحل می رویم

Гар ба зоҳир нест дасти мо ба зери бори халқ

گر به ظاهر نیست دست ما به زیر بار خلق

Мо ба зери бори мардум аз таҳ дил ме рӯем

ما به زیر بار مردم از ته دل می رویم

Дигарон аз даврии зоҳир агар аз дили раванд

دیگران از دوری ظاهر اگر از دل روند

Мо зи ёди ҳмншинон дар муқобил ме рӯем

ما ز یاد همنشینان در مقابل می رویم

Гарчи медонем гавҳар нест дар баҳри сароб

گرچه می دانیم گوهر نیست در بحر سراب

Ҳамчунон мо аз паии дунёӣ ботил ме рӯем

همچنان ما از پی دنیای باطل می رویم

Гарчи аз дил меравад аз дидаи ғоиб ҳар чаҳ шуд

گرچه از دل می رود از دیده غایب هر چه شد

Мо зи дил чун мисраи барҷаста мушкил ме рӯем

ما ز دل چون مصرع برجسته مشکل می رویم

Санги роҳ мо нагардад пилаи афтодагӣ

سنگ راه ما نگردد پله افتادگی

Бо замингирӣ чу нақши по ба манзил ме рӯем

با زمین گیری چو نقش پا به منزل می رویم

Аз дар дил метавон шуд аз ду олам бе ниёз

از در دل می توان شد از دو عالم بی نیاز

Мо ба ҳар дар соиб аз ғифлат чу соил ме рӯем

ما به هر در صائب از غفلت چو سایل می رویم