Дар он шабҳо ки аз ёди ту соғар буд дар дастам
در آن شبها که از یاد تو ساغر بود در دستم
з ҳар нохуни ҳилоли иди дигар буд дар дастам
ز هر ناخن هلال عید دیگر بود در دستم
зи тӯфони ҳаводис зон накардани дасту поро гум
ز طوفان حوادث زان نکردن دست و پا را گم
Ки аз ратли гарони пайвастаи лангар буд дар дастам
که از رطل گران پیوسته لنگر بود در دستم
Ба ашки талх қонеъ гаштаам сӯрат наме бандад
به اشک تلخ قانع گشته ام صورت نمی بندد
Аз он дарё ки доими ақди гавҳар буд дар дастам
از آن دریا که دایم عقد گوهر بود در دستم
Ду олам чун сулаймон буд дар зери нигини ман
دو عالم چون سلیمان بود در زیر نگین من
Дарин майхонаи чандоне ки соғар буд дар дастам
درین میخانه چندانی که ساغر بود در دستم
Дар он гулшан ки май аз соғар тавҳид ме хӯрдам
در آن گلشن که می از ساغر توحید می خوردم
з ҳар барги гулии домони дилбар буд дар дастам
ز هر برگ گلی دامان دلبر بود در دستم
Чаҳ бо ман метавонад шӯриши рӯзи ҷазо кардан
چه با من می تواند شورش روز جزا کردن
Ки аз дили солҳо девони маҳшар буд дар дастам
که از دل سالها دیوان محشر بود در دستم
зи ҳушёрии забуни гардиш гардун шудам варна
ز هشیاری زبون گردش گردون شدم ورنه
Ба мастӣҳо Аннани сайри ахтар буд дар дастам
به مستیها عنان سیر اختر بود در دستم
Наме ҷанбам чу хӯни мурда аз нашутур хушо вақте
نمی جنبم چو خون مرده از نشتر خوشا وقتی
Ки хӯн аз изтироб ишқ нашутур буд дар дастам
که خون از اضطراب عشق نشتر بود در دستم
зи қаҳти дилрабоёни рехтам дар пои худ соиб
ز قحط دلربایان ریختم در پای خود صائب
Ва гарна як ҷаҳони дил чун санавбар буд дар дастам
و گرنه یک جهان دل چون صنوبر بود در دستم