Агар бепарда дар гулзори афғон соз ме кардам

اگر بی‌پرده در گلزار افغان ساز می‌کردم

Зари гулро сапанди шуъла овоз ме кардам

زر گل را سپند شعله آواز می‌کردم

Накардам рӯи турш аз сарзаниш дар ошиқии ҳаргиз

نکردم رو تُرُشْ از سرزنش در عاشقی هرگز

Забон чун шамъи доим дар даҳон газ ме кардам

زبان چون شمع دایم در دهان گاز می‌کردم

Кунун аз соя худ мекунам ваҳшати хуши он ҷуръат

کنون از سایه خود می‌کنم وحشت خوش آن جرأت

Ки пеши пои шоҳини сина поондоз ме кардам

که پیش پای شاهین سینه پاانداز می‌کردم

Набӯд аз бе қарории нолаи ман дар дили оташ

نبود از بی‌قراری ناله من در دل آتش

Ки дурафтодагонро чун сапанд овоз ме кардам

که دورافتادگان را چون سپند آواز می‌کردم

Чу моҳи нав ба зери теғ дар нашав ва намо будам

چو ماه نو به زیر تیغ در نشو و نما بودم

Ба нохун то гиреҳ аз кори мардум боз ме кардам

به ناخن تا گره از کار مردم باز می‌کردم

з ҳар хоки сияҳи файзи ҷавоҳири серума май барадам

ز هر خاک سیه فیض جواهر سرمه می‌بردم

Дар он фурсат ки ман ойӣнаро пардоз ме кардам

در آن فرصت که من آیینه را پرداز می‌کردم

Кунун не мекунад дар нохунами махмал хушо рӯзӣ

کنون نی می‌کند در ناخنم مخمل خوشا روزی

Ки бар рӯй замини хушки хоб ноз ме кардам

که بر روی زمین خشک خواب ناز می‌کردم

намегардид домангири мангар нолаи булбул

نمی‌گردید دامنگیر من گر ناله بلبل

Сабк чун ранги азин бустони саро парвоз ме кардам

سبک چون رنگ ازین بستان‌سرا پرواز می‌کردم

Агар завқ гирифторӣ намешуд Хизри роҳи ман

اگر ذوق گرفتاری نمی‌شد خضر راه من

Ба умед чаҳ ман аз ошён парвоз ме кардам

به امید چه من از آشیان پرواز می‌کردم

намеомад агар соиб ба дастами домани шаб ҳо

نمی‌آمد اگر صائب به دستم دامن شب‌ها

Ман оҷиз ба домон ки даст андоз ме кардам

من عاجز به دامان که دست‌انداز می‌کردم