Ним навмед аз уқбогар аз дунё гиреҳ хӯрдам
نیم نومید از عقبی گر از دنیا گره خوردم
Дар онҷо боз хоҳам шуд агар ӣнҷо гиреҳ хӯрдам
در آنجا باز خواهم شد اگر اینجا گره خوردم
Нашуд кӯтаҳи зи домони иҷобати дасти умедам
نشد کوته ز دامان اجابت دست امیدم
Чу тори ашки чандоне ки сар то по гиреҳ хӯрдам
چو تار اشک چندانی که سر تا پا گره خوردم
зи файзи ростӣ аз ҷайби манзил сар баровардам
ز فیض راستی از جیب منزل سر برآوردم
Чу роҳ аз нақши по ҳар чанд чандини ҷо гиреҳ хӯрдам
چو راه از نقش پا هر چند چندین جا گره خوردم
Нашуд чашми парешони гирди ман сайр аз ҳавои ҷӯӣ
نشد چشم پریشان گرد من سیر از هوا جویی
Мукаррар гарчи зини дарёи ҳубоби осо гиреҳ хӯрдам
مکرر گرچه زین دریا حباب آسا گره خوردم
Машав дар манзили мақсӯд аз сар гаштагӣ эмин
مشو در منزل مقصود از سر گشتگی ایمن
Ки чун гирдоби ман дар айни ин дарё гиреҳ хӯрдам
که چون گرداب من در عین این دریا گره خوردم
Насиби шона зон сунбулашони чандин гушоиш шуд
نصیب شانه زان سنبلشان چندین گشایش شد
Здоми зулфи ҷои донаи ман танҳо гиреҳ хӯрдам
زدام زلف جای دانه من تنها گره خوردم
Шудам машҳури олам гарчи аз азлат гузинӣ ҳо
شدم مشهور عالم گرچه از عزلت گزینی ها
Ба болу пари зи кӯҳи қоф чун анқо гиреҳ хӯрдам
به بال و پر ز کوه قاف چون عنقا گره خوردم
зи ман ҳарф талаб натавон шунидан бо туҳидастӣ
ز من حرف طلب نتوان شنیدن با تهیدستی
Ки аз тбхоли ғайрат бар лаб гуё гиреҳ хӯрдам
که از تبخال غیرت بر لب گویا گره خوردم
Биҳамдиллоҳи сар аз фармони зикри ҳақи нпичидм
بحمدالله سر از فرمان ذکر حق نپیچیدم
Чу тори сбҳаҳ аз даврон агар сад ҷо гиреҳ хӯрдам
چو تار سبحه از دوران اگر صد جا گره خوردم
зи сайру даври гардуни мўбмў огаҳ шудам соиб
ز سیر و دور گردون موبمو آگه شدم صائب
Дарин паргор то чун нуқтаи савдо гиреҳ хӯрдам
درین پرگار تا چون نقطه سودا گره خوردم