Ба доман май дӯди ашками гиребон май дарди ҳушам
به دامن می دود اشکم گریبان می درد هوشم
намедонам чаҳ мегуяд насими субҳ дар гӯшам
نمی دانم چه می گوید نسیم صبح در گوشم
Ҳануз аз таъни хомӣ неш мехӯрдам зи занбӯрон
هنوز از طعن خامی نیش می خوردم ز زنبوران
Ки бар медошт аз ҷои сақфи ин майхонаро ҷӯшам
که بر می داشت از جا سقف این میخانه را جوشم
Ман он баҳри гҳрхизми бисоти офариниш ро
من آن بحر گهرخیزم بساط آفرینش را
Ки гавҳар мешавад симоб агар резанд дар гӯшам
که گوهر می شود سیماب اگر ریزند در گوشم
Ба андаки рӯзгории бодбон киштӣ ме шуд
به اندک روزگاری بادبان کشتی می شد
зи лутфи соқёни саҷҷодаи тазвир бар дӯшам
ز لطف ساقیان سجاده تزویر بر دوشم
Аз он рӯзӣ ки бар болой ӯ оғӯш во кардам
از آن روزی که بر بالای او آغوش وا کردم
Дигар номади баҳам чун қибла аз хамёзаи оғӯшам
دگر نامد بهم چون قبله از خمیازه آغوشم
зи ҳуши худ дар озорами навое орзӯ дорам
ز هوش خود در آزارم نوایی آرزو دارم
Ки натавонади Аннани худ гирифтани маҳмили ҳушам
که نتواند عنان خود گرفتن محمل هوشم
Ба кор дигарон кун соқии ин ҷоми сабӯҳӣ ро
به کار دیگران کن ساقی این جام صبوحی را
Ки то фардои маҳшари ман хароби суҳбати дӯшам
که تا فردای محشر من خراب صحبت دوشم
Ту даст аз худ намое бар мудорои хасми биҷўҳр
تو دست از خود نمایی بر مدارای خصم بیجوهر
Ки ман дар ҷавҳари худ ҳамчуи оби теғи хаси пӯшам
که من در جوهر خود همچو آب تیغ خس پوشم
зи чашмаши мастии дунболаи дории қисмат ман шуд
ز چشمش مستی دنباله داری قسمت من شد
Ки шуд навмеди субҳи маҳшар аз бедории ҳушам
که شد نومید صبح محشر از بیداری هوشم
Канори модари айёмро он Тифли бдхўим
کنار مادر ایام را آن طفل بدخویم
Ки натавонад ба ком ҳар ду олам кард хомӯшам
که نتواند به کام هر دو عالم کرد خاموشم