Таматтуъ бо камоли қурб аз он раъно наме байнам

تمتع با کمال قرب از آن رعنا نمی‌بینم

Ки зер по набинад ёр ва ман боло наме байнам

که زیر پا نبیند یار و من بالا نمی‌بینم

Магар аз даври гирди маҳмили Лайлӣ намоён шуд ?

مگر از دور گرد محمل لیلی نمایان شد؟

Ки аз маҷнӯни асар дар домани саҳро наме байнам

که از مجنون اثر در دامن صحرا نمی‌بینم

Камӣнгоҳи нигоҳ ҳасрат олудӣаст ҳар мӯем

کمینگاه نگاه حسرت آلودی است هر مویم

Агар дар чеҳраи маҳҷӯб ӯ расво наме байнам

اگر در چهره محجوب او رسوا نمی‌بینم

Фромши ваъдаи мангар на макрӣ дар назар дорад

فرامش وعده من گر نه مکری در نظر دارد

Чаро имрӯзи завқ аз ваъдаи фардо наме байнам ?

چرا امروز ذوق از وعده فردا نمی‌بینم؟

Ба роҳами хори резади хасми кӯтаҳи байн , наме донад

به راهم خار ریزد خصم کوته‌بین، نمی‌داند

Ки ман чун шуъла бе боки пеши по наме байнам

که من چون شعله بی‌باک پیش پا نمی‌بینم

Чаҳ ҳосили зин ки чун паргори пой оҳанӣн дорам ?

چه حاصل زین که چون پرگار پای آهنین دارم؟

Чу ман роҳи наҷот аз гарданаш беҷо наме байнам

چو من راه نجات از گردنش بی‌جا نمی‌بینم

Ба дарду доғи ғурбат зон ниҳодами дил ки чун гавҳар

به درد و داغ غربت زان نهادم دل که چون گوهر

Кушоди ин гиреҳ аз нохуни дарё наме байнам

گشاد این گره از ناخن دریا نمی‌بینم

Ману домони шаб , комрўз дар офоқи домоне

من و دامان شب، کامروز در آفاق دامانی

Ки дод ман диҳад , ҷузи домани шабҳо наме байнам

که داد من دهد، جز دامن شب‌ها نمی‌بینم

Нигоҳи аҷзи теғи бади гуҳарро тезтар созад

نگاه عجز تیغ بد گهر را تیزتر سازد

Фалакгар теғи борад бар серуми боло наме байнам

فلک گر تیغ بارد بر سرم بالا نمی‌بینم

Рабӯдааст ончунон фикру хаёл ӯ марои соиб

ربوده است آنچنان فکر و خیال او مرا صائب

Ки пеши по ба чандини дидаи бино наме байнам

که پیش پا به چندین دیده بینا نمی‌بینم