Ба назарбозӣ аз он танги шукр сохта ам
به نظربازی از آن تنگ شکر ساختهام
Ба ҳамин риштаи зи дарёии гуҳар сохта ам
به همین رشته ز دریای گهر ساختهام
Зери як перҳанам дар ҳамаи ҷо бо Юсуф
زیر یک پیرهنم در همه جا با یوسف
Ман ки зон ёри гиромӣ ба хабар сохта ам
من که زان یار گرامی به خبر ساختهام
Чун ба осонӣ аз он нахл кунам қатъи умед ?
چون به آسانی از آن نخل کنم قطع امید؟
Даҳании талх ба умеди самар сохта ам
دهنی تلخ به امید ثمر ساختهام
Шуълаи ишқ маҳоласт ба ман пардозад
شعله عشق محال است به من پردازد
Ҷигари сӯхтаро доми шарар сохта ам
جگر سوخته را دام شرر ساختهام
Дили савдоеи ман равшан аз онаст ки ман
دل سودایی من روشن از آن است که من
Ҳамчуи шамъ аз тани худ зоди сафар сохта ам
همچو شمع از تن خود زاد سفر ساختهام
Нест мумкин ки дарӣ бар рух ман накушояд
نیست ممکن که دری بر رخ من نگشاید
Ин калидӣ ки ман аз оҳи саҳар сохта ам
این کلیدی که من از آه سحر ساختهام
Хоксории зи шикояти даҳанам дӯхта аст
خاکساری ز شکایت دهنم دوخته است
Нақш поем ки ба ҳар роҳгзр сохта ам
نقش پایم که به هر راهگذر ساختهام
Ноумед аз шаб андӯҳ мабошед ки ман
ناامید از شب اندوه مباشید که من
Борҳо аз нафаси сӯхтаи пар сохта ам
بارها از نفس سوخته پر ساختهام
Заҳр агар дар қадаҳами ҳам нафасон рехта анд
زهر اگر در قدحم همنفسان ریختهاند
Ба сбкдстии таслими шукр сохта ам
به سبکدستی تسلیم شکر ساختهام
Манам он лола ки аз неъмати алвони ҷаҳон
منم آن لاله که از نعمت الوان جهان
Бо дили сӯхтау хӯни ҷигар сохта ам
با دل سوخته و خون جگر ساختهام
Манам он мавҷи сабки сайр ки аз бе хабарӣ
منم آن موج سبکسیر که از بیخبری
Ҳар нафаси доми тамошоӣ дигар сохта ам
هر نفس دام تماشای دگر ساختهام
Мӯӣ бар пайкари ман ҳалқаи зуннор шуда аст
موی بر پیکر من حلقه زنار شده است
Дасти худ то ба миёни ту камар сохта ам
دست خود تا به میان تو کمر ساختهام
Зон рубойанд зи ҳам ҷўҳрёнми соиб
زان ربایند ز هم جوهریانم صائب
Ки ба як қатраи зи дарё чу гуҳар сохта ам
که به یک قطره ز دریا چو گهر ساختهام