Умрҳо тарбияти дида бино кардам

عمرها تربیت دیده بینا کردم

То турои як назар аз давр тамошо кардам

تا ترا یک نظر از دور تماشا کردم

Рахна аз оҳ дар он дил натавонистам кард

رخنه از آه در آن دل نتوانستم کرد

Ман ки сад ғунчаи пайкон ба нафас во кардам

من که صد غنچه پیکان به نفس وا کردم

Ҳар қадари хӯн ки ба дилҳо талаб дунё кард

هر قدر خون که به دلها طلب دنیا کرد

Ман зи гардондани рӯ дар дил дунё кардам

من ز گرداندن رو در دل دنیا کردم

Нашуд аз абри гуҳари бори садафро рӯзӣ

نشد از ابر گهر بار صدف را روزی

Ончии ман ҷамъи зи дарюза дилҳо кардам

آنچه من جمع ز دریوزه دلها کردم

Зӯри сайлоб ба ҳамвории саҳро чаҳ кунад ?

زور سیلاب به همواری صحرا چه کند؟

Хок дар косаи душман ба мудоро кардам

خاک در کاسه دشمن به مدارا کردم

Манам он ғунчаи ғофили з бе ҳавсалагӣ

منم آن غنچه غافل ز بی حوصلگی

Сари худ дар сари як ханда биҷо кардам

سر خود در سر یک خنده بیجا کردم

Аз гули оташ ба таҳи пой чу шабнам дорам

از گل آتش به ته پای چو شبنم دارم

То ҳавои сафари олам боло кардам

تا هوای سفر عالم بالا کردم

Нафрат аз дидани макрӯҳи яке сад гардад

نفرت از دیدن مکروه یکی صد گردد

Нест аз рағбат агар рӯй ба дунё кардам

نیست از رغبت اگر روی به دنیا کردم

Нафас аз мавҷи хатар рост накардам соиб

نفس از موج خطر راست نکردم صائب

Сари бурун то чу ҳубоб аз дил дарё кардам

سر برون تا چو حباب از دل دریا کردم