Дар масофӣ ки ман аз оҳи илм во кардам

در مصافی که من از آه علم وا کردم

Кӯҳ агар буд тараф , бодия паймо кардам

کوه اگر بود طرف، بادیه پیما کردم

Тӯшаи охирати ман зи хароботи вуҷӯд

توشه آخرت من ز خرابات وجود

Мушт хокӣаст ки дар коса дунё кардам

مشت خاکی است که در کاسه دنیا کردم

Гавҳарӣ нест ки дарди амни ин сҳронист

گوهری نیست که درد امن این صحرانیست

Ман қаноат ба ҳамин обила по кардам

من قناعت به همین آبله پا کردم

Сафариро ки тавон гуфт ба дил бор набӯд

سفری را که توان گفت به دل بار نبود

Сафари бихўдиӣ буд ки танҳо кардам

سفر بیخودیی بود که تنها کردم

Камари соҳили мақсӯд ба дастам омад

کمر ساحل مقصود به دستم آمد

То дарин қулзуми хунхори камар во кардам

تا درین قلزم خونخوار کمر وا کردم

Ҳайфи азин умри гиронмоя ки аз бихбрӣ

حیف ازین عمر گرانمایه که از بیخبری

Сарфи тӯли амлу арз таманно кардам

صرف طول امل و عرض تمنا کردم

Пос андӯҳ бидоред ки ман ҳамчуи шарар

پاس اندوه بدارید که من همچو شرر

Умри худ дар сари як ханда биҷо кардам

عمر خود در سر یک خنده بیجا کردم

Чун мънбр нашавад базми ду олами соиб ?

چون معنبر نشود بزم دو عالم صائب؟

Зини гиреҳҳо ки ман аз зулфи сухан во кардам

زین گرهها که من از زلف سخن وا کردم