Муддатии сабр чу занҷир ба зиндон кардам
مدتی صبر چو زنجیر به زندان کردم
То назари боз ба рӯй ма канъон кардам
تا نظر باز به روی مه کنعان کردم
То зи ёқӯти лаб ӯ назарӣ додам об
تا ز یاقوت لب او نظری دادم آب
Реги ин бодияро лаъл Бадахшон кардам
ریگ این بادیه را لعل بدخشان کردم
То марои каъбаи мақсӯд ба болин ояд
تا مرا کعبه مقصود به بالین آید
Солҳо бистари худ хор муғелон кардам
سالها بستر خود خار مغیلان کردم
Сӯхт чун лолаи нафас дар ҷигари хунинам
سوخت چون لاله نفس در جگر خونینم
Қатъи ин водии хунхор на осон кардам
قطع این وادی خونخوار نه آسان کردم
Рӯзи умрам ба шаби тира мубаддил гардид
روز عمرم به شب تیره مبدل گردید
То шабии рӯз дар он зулф парешон кардам
تا شبی روز در آن زلف پریشان کردم
То сари зулфи ту чун шона ба дастам омад
تا سر زلف تو چون شانه به دستم آمد
Даст дар гардани сад захм намоён кардам
دست در گردن صد زخم نمایان کردم
Шӯриши ишқи марои гирд ҷаҳон гардонид
شورش عشق مرا گرد جهان گردانید
Сайри ин баҳр ба болу пар тӯфон кардам
سیر این بحر به بال و پر طوفان کردم
Аброи йени бодия дар шӯра замин ме гардад
ابرا ین بادیه در شوره زمین می گردد
Ҳайф ва сад ҳайфи зи тухмӣ ки парешон кардам
حیف و صد حیف ز تخمی که پریشان کردم
Чаҳ зарураст ба домони баҳори овезам ?
چه ضرورست به دامان بهار آویزم؟
Ман ки сайри чаман аз чок гиребон кардам
من که سیر چمن از چاک گریبان کردم
Ллаҳи алҳмд ки баъд аз сафари ҳаҷи соиб
لله الحمد که بعد از سفر حج صائب
Аҳди худ тоза ба султон хуросон кардам
عهد خود تازه به سلطان خراسان کردم