Манам он сайл ки дарё накунад хомӯшам

منم آن سیل که دریا نکند خاموشم

Кӯҳро киштӣ тӯфон зада созад ҷӯшам

کوه را کشتی طوفان زده سازد جوشم

Аз маломат накунам шикваи з бе ҳавсалагӣ

از ملامت نکنم شکوه ز بی حوصلگی

Сухани талх май талх буд дар гӯшам

سخن تلخ می تلخ بود در گوشم

Ҷӯши ман лангар ором намедонад чист

جوش من لنگر آرام نمی داند چیست

Нест чун бодаи нораси ду се рӯзии ҷӯшам

نیست چون باده نارس دو سه روزی جوشم

Аз хароботи Муғон пой биравӣ нагузорам

از خرابات مغان پای برون  نگذارم

То сабуи даст навозиш накушуд бар дӯшам

تا سبو دست نوازش نکشد بر دوشم

Чашми пуркор батон соғар холӣаст маро

چشم پرکار بتان ساغر خالی است مرا

Май гулранг чаҳ бошад ки рибоед ҳушам

می گلرنگ چه باشد که رباید هوشم

Ним эмини зи пушаймонӣ бе инсофон

نیم ایمن ز پشیمانی بی انصافان

Ба зари қалб агар Юсуф худ бифурӯшам

به زر قلب اگر یوسف خود بفروشم

Гарчи аз шамъ тиҳӣ нест канорами шабҳо

گرچه از شمع تهی نیست کنارم شبها

Доим аз шарм чу миҳроби тиҳии оғӯшам

دایم از شرم چو محراب تهی آغوشم

Нест аз нӯш чу занбӯр ба ҷузи неши маро

نیست از نوش چو زنبور به جز نیش مرا

Агарчӣ на доира шуд шани асал аз нӯшам

گرچه نُه دایره ، شد شانِ عسل ، از نوشَم

Манам он кӯдаки бдхў ки зносозӣ дил

منم آن کودک بدخو که ز ناسازی دل

Натавон кард ба коми ду ҷаҳони хомӯшам

نتوان کرد به کام دو جهان خاموشم

Чун ба пои хам месар нагузорам соиб ?

چون به پای خم می سر نگذارم صائب؟

Ман ки аз бода гулранг фазояд ҳушам

من که از باده گلرنگ فزاید هوشم