Гарчи аз ваъдаи эҳсони фалаки пери шудем

گرچه از وعده احسان فلک پیر شدیم

Неъматӣ буд ки аз ҳастӣ худ сайри шудем

نعمتی بود که از هستی خود سیر شدیم

Нест зини сабзи чамани кулуфти мо имрӯзӣ

نیست زین سبز چمن کلفت ما امروزی

Ғунча будем дарин боғ ки дилгири шудем

غنچه بودیم درین باغ که دلگیر شدیم

Ҳирс дар охири перии камари моро баст

حرص در آخر پیری کمر ما را بست

Бо қади ҳамчуи камони ҳамсафари тири шудем

با قد همچو کمان همسفر تیر شدیم

Гарчи аз кӯшиш тадбир начедем гулӣ

گرچه از کوشش تدبیر نچیدیم گلی

ӣнқадар буд ки таслим ба тақдири шудем

اینقدر بود که تسلیم به تقدیر شدیم

Шасти он рӯзи қазои дасти зи ободии мо

شست آن روز قضا دست ز آبادی ما

Ки гирифтор ба обу гули таъмири шудем

که گرفتار به آب و گل تعمیر شدیم

Устихони сӯхтае буд шаб ҳастӣ мо

استخوان سوخته ای بود شب هستی ما

Домани субҳи гирифтеми тбошири шудем

دامن صبح گرفتیم طباشیر شدیم

Дили хуши машраб мо дошт ҷавони олам ро

دل خوش مشرب ما داشت جوان عالم را

Шуд ҷаҳони пери ҳамон рӯз ки мо пери шудем

شد جهان پیر همان روز که ما پیر شدیم

Тан надодем ба оғӯши Зулайхои ҳавас

تن ندادیم به آغوش زلیخای هوس

Розӣ аз силсилаи зулф ба занҷири шудем

راضی از سلسله زلف به زنجیر شدیم

намечакид аз лаби мо шери зи тифлӣ чун субҳ

می چکید از لب ما شیر ز طفلی چون صبح

Кздми гарм чу хуршеди ҷаҳонгири шудем

کزدم گرم چو خورشید جهانگیر شدیم

Танг шуд шаҳр чун маҷнӯни зи маломат бар мо

تنگ شد شهر چون مجنون ز ملامت بر ما

Охир аз захми забон дар даҳани шери шудем

آخر از زخم زبان در دهن شیر شدیم

Солҳо гирди сари сарв чу қамарӣ гаштем

سالها گرد سر سرو چو قمری گشتیم

То сазовор ба як ҳалқаи занҷири шудем

تا سزاوار به یک حلقه زنجیر شدیم

Нози Юсуфи зи сияҳи рӯеи худ чун накашем

ناز یوسف ز سیه رویی خود چون نکشیم

Мо ки шоистаи афв аз раҳи тақсири шудем

ما که شایسته عفو از ره تقصیر شدیم

Сулҳ гирдем ба як нақши зи наққоши ҷаҳон

صلح گردیم به یک نقش ز نقاش جهان

Маҳви як чеҳра чу ойӣнаи тасвири шудем

محو یک چهره چو آیینه تصویر شدیم

Гиреҳи хотири сайёди зи дом афзӯн аст

گره خاطر صیاد ز دام افزون است

Муфти мо буд дарин бодияи нахҷӣри шудем

مفت ما بود درین بادیه نخجیر شدیم

Гарчи аввали миси мо қобил эксир набӯд

گرچه اول مس ما قابل اکسیر نبود

Он қадр саъй намудем ки эксири шудем

آنقدر سعی نمودیم که اکسیر شدیم

Ҷузи надомат чаҳ буд кӯшиши моро ҳосил

جز ندامت چه بود کوشش ما را حاصل

Мо ки дар субҳдами омодаи шабгири шудем

ما که در صبحدم آماده شبگیر شدیم

Соиби он Тифл ятемем дар оғӯши ҷаҳон

صائب آن طفل یتیمیم در آغوش جهان

Ки ба дарюза ба сад хонаи паии шери шудем

که به دریوزه به صد خانه پی شیر شدیم