Чаҳ қадари сархушӣ аз бода ангур кунем

چه قدر سرخوشی از باده انگور کنیم

Ба ки паймонаи худ аз сар Мансур кунем

به که پیمانه خود از سر منصور کنیم

Мо ки аз партави маҳтоб назар ме бозем

ما که از پرتو مهتاب نظر می بازیم

Ба чаҳ тоқати ҳаваси анҷуман тавр кунем

به چه طاقت هوس انجمن طور کنیم

Мо чу наргис ба тани хеши назар бохта ем

ما چو نرگس به تن خویش نظر باخته ایم

Ба чаҳ рӯи чашм ба рухсора манзур кунем

به چه رو چشم به رخساره منظور کنیم

Намакӣ нест дарин олами пуршӯр , магар

نمکی نیست درین عالم پرشور، مگر

Аз намакдони қиёмати даҳанӣ шӯр кунем

از نمکدان قیامت دهنی شور کنیم

Биравӣ эй барқи сбксир ки дар хирмани мо

بروی ای برق سبکسیر که در خرمن ما

Дона Эй нест ки қуфли даҳан мӯр кунем

دانه ای نیست که قفل دهن مور کنیم

Орифони ғӯраи худро мегулгун карданд

عارفان غوره خود را می گلگون کردند

Мо бар онем ки саҳбои худ ангур кунем

ما بر آنیم که صهبای خود انگور کنیم

Ҷодаи равшани шамшер буд дасти бадаст

جاده روشن شمشیر بود دست بدست

Соиб аз марг чаро манзили худ давр кунем

صائب از مرگ چرا منزل خود دور کنیم