Чаҳ хаёласт ки девона ва шайдо нишуем ?

چه خیال است که دیوانه و شیدا نشویم؟

Буи машкем , маҳоласт ки расво нишуем

بوی مشکیم، محال است که رسوا نشویم

Ишқи моро паии корӣ ба ҷаҳон оварда аст

عشق ما را پی کاری به جهان آورده است

Адаб инаст ки машғӯл тамошо нишуем

ادب این است که مشغول تماشا نشویم

Пардаи роз буд ҳарфи далерона задан

پردهٔ راز بود حرف دلیرانه زدن

Бо ту густохи азоним ки расво нишуем

با تو گستاخ از آنیم که رسوا نشویم

Хӯн бар ҳам зани авқот бузургон ҳадараст

خون برهم‌زن اوقات بزرگان هدر است

Беҳиҷобона чу сайлоб ба дарё нишуем

بی‌حجابانه چو سیلاب به دریا نشویم

Айши мо чун сари нохун ба кушод гиреҳ аст

عیش ما چون سر ناخن به گشاد گره است

То науфтад ба гиреҳи кор касе , во нишуем !

تا نیفتد به گره کار کسی، وا نشویم!

Пои пар обила бошад садафи баҳри сароб

پای پر آبله باشد صدف بحر سراب

Беҳтар онаст паии ишва дунё нишуем

بهتر آن است پی عشوهٔ دنیا نشویم

Ин ғазали он ғазали хоҷа назирӣаст ки гуфт

این غزل آن غزل خواجه نظیری‌ست که گفت

То сари шиша мево нашавад воншўим

تا سر شیشهٔ می وا نشود وانشویم

Хониш
ғзл шморҳ 5692 — фотмҳ зндӣ